मोहिनी (गाय) की किस्मत उत्तराखंड पुलिस के शक्तिमान (घोड़ा) जैसी नहीं है। शक्तिमान का जैसे ही पैर टूटा सियासी गलियारों में भूचाल आ गया था।
तत्काल अमेरिका और मुंबई से डॉक्टर को बुलाकर शक्तिमान का इलाज शुरू हुआ। वहीं दूसरी ओर होली के दिन मोहनी का पैर अचानक खड़े होते वक्त टूट गया। उस दिन से वह इलाज के लिए तड़प रही है मगर कोई उपचार करने को तैयार नहीं है। मोहनी के आंख से लगातार आंसू निकल रहे हैं। यह आंसू अपने लिए नहीं बल्कि आठ माह से पेट में पल रहे बच्चे के लिए है। होली के दिन से मोहनी कुछ खाना भी नहीं खा पा रही है।
बालावाला निवासी रविन्द्र दत्त बहुगुणा पिछले दस साल से मोहनी का पालन पोषण कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि होली के दिन मोहनी खाना खाने के लिए खड़ी हो रही थी कि इस दौरान अचानक पैर फिसल गया। जिसके कारण वह वहीं पर गिर गयी।घरवालों ने काफी प्रयास किया ताकि वह उठ सके। मगर गाय नहीं उठ सकी। जिसके तुरंत बाद बहुगुणा ने मुख्य चिकित्सका
अधिकारी राकेश नेगी को फोन कर घटना की जानकारी दी।