शासन ने चालू सत्र में नई गेहूं खरीद लागू कर दी है। शासन ने इस बार पूरे राज्य में डेढ़ लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को गेहूं बेचने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो इसके लिए हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून समेत सभी जिलों में 180 क्रय केंद्र खोले गए हैं।
गेहूं खरीद की जिम्मेदारी खाद्य विभाग और उत्तराखंड सहकारिता विभाग को सौंपी गई है। खाद्य विभाग के आला अफसरों के मुताबिक चालू सत्र में केंद्र सरकार ने 1525 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य घोषित किया गया है जो पिछले साल की तुलना में 75 रुपये अधिक है।
किसानों के साथ ठगी रोकने को अधिकारी रखेंगे कड़ी नजर
गेहूं खरीद में बिचौलिए किसानों के साथ ठगी न कर सके इसके लिए सभी अधिकारियों को कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। खाद्य विभाग के अफसरों की टीमें गठित कर जिलावार जांच करने के भी निर्देश जारी किए गए है।
किसानों को दिक्कत न हो इसके लिए अतिरिक्त बारदाना की भी व्यवस्था की जा रही है। पिछले साल सरकार की ओर से तमाम प्रयासों के बावजूद राज्य भर में महज 41 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा जा सका था।
समर्थन मूल्य अधिक नहीं होने की वजह से किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों के बजाए निजी कारोबारियों को ऊंचे दामों पर गेहूं बेच दिया था।
अब विभागीय अफसरों का मानना है कि चालू सत्र में केंद्र सरकार ने 75 रुपये अधिक समर्थन मूल्य घोषित किया है तो इस बार अधिक गेहूं खरीदे जाने की उम्मीद है।