आपदा से उभरने के बाद अब केदानरनाथ धाम में फिर से एक नई मुसीबत आ गई है। चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही श्रीबद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) से जुड़े पदाधिकारी की चिंताएं बढ़ गई हैं। सबसे अधिक चिंता केदारनाथ मंदिर के कीमती आभूषणों के अलावा चढ़ावे के रूप में आना वाला पैसा भी है।
ऐसे में इसकी सुरक्षा नहीं होने से चिंताएं बढ़ गई हैं। मंदिर समिति ने इस संबंध में शासन से लिखापढ़ी कर बैंक संचालन के साथ ही सुरक्षाकर्मी मुहैया कराने की मांग की है। मंदिर समिति से जुड़े़ एक पदाधिकारी का कहना है कि साल 2013 में आई त्रासदी के दौरान केदारनाथ धाम में बैंक तहस नहस हो गए थे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दिया था धाम में भवन बनवाने का प्रस्ताव
मंदिर समिति को बड़ा नुकसान हुआ था। अब केदारनाथ धाम में न बैंक की सुविधा और न ही कोई इंतजाम है जो समिति पदाधिकारियों का चिंतित होना लाजिमी है। समिति पदाधिकारियों की मानें तो त्रासदी के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने केदारनाथ धाम में बैंक व लाकर के लिए एक भवन बनवाने का प्रस्ताव दिया। लेकिन, पिछले दिनों डीएम ने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
मामला मुख्य सचिव तक भी पहुंचा। आखिरकार मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह के हस्तक्षेप के बाद ही प्रकरण को सुलझाया गया। सहमति बनी कि निर्माण कार्य मास्टर प्लान के अनुरूप कराया जाएगा। लेकिन, हाल-फिलहाल समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में है। शासन की ओर से कीमती आभूषणों और चढ़ावे की पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।