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पटरी नहीं फोडे़गी माथा, स्कूलों में गूजेंगा 'कसरत गीत'

Wed, 04 Sep 2013 10:06 AM IST
दीपक मिश्रा, रुड़की
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‘ऐसा हो स्कूल हमारा, जहां न बस्ता कंधा तोड़े, जहां न पटरी माथा फोड़े’ यह पंक्ति स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर कोई व्यंग्य नहीं, बल्कि नई प्रार्थना है।
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इसे शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के निर्देश पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) ने तैयार किया है। डायट ने एक माड्यूल तैयार किया है जिसके मुताबिक हर रोज बच्चों को अलग प्रार्थना कराई जाएगी।

पढें...साहब! इन्हें भी मिलेगा सस्ता अनाज?

प्रमुख समाचारों की देंगे जानकारी
इसके बाद बच्चों को स्थानीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रमुख समाचारों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछे जाएंगे और उनके उत्तर भी बताए जाएंगे।
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सरकारी विद्यालयों में अरसे से एक ही ढर्रे पर प्रार्थना सभा हो रही है। छात्रों में इसका रुझान घटा है। पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप कार्यक्रम के तहत डायट रुड़की ने प्रार्थना सभा जो मोड्यूल तैयार किया है।

उसके तहत सोमवार से शनिवार तक हर दिन अलग-अलग प्रार्थना होगी। इसके बाद देशगान, मुख्य समाचार, कविता (अंग्रेजी-हिन्दी), संस्कृत श्लोक एवं नैतिक वचन, सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न, प्रतिज्ञा, व्यायाम तथा सबसे अंत में राष्ट्रगान होगा।

28 मास्टर ट्रेनर किये तैयार
प्रभावी प्रार्थना सभा के लिए 28 मास्टर ट्रेनर बनाए गए हैं। जिन्हें प्रार्थना सभा के संबंध में पूरी जानकारी दी गई है। इसके लिए एक सीडी भी तैयार की गई है। डायट द्वारा प्रार्थना सभा का कार्यक्रम तैयार होने के बाद मास्टर ट्रेनर अपने-अपने ब्लॉक के शिक्षकों प्रार्थना सभा के बारे में ट्रेनिंग देंगे।

तैयार की गई प्रार्थना की पंक्तियां
-ऐसा हो स्कूल हमारा, जहां न बस्ता कंधा तोड़े, जहां न पटरी माथा फोड़े।
-तू ही राम है, तू ही रहीम है, तू ही वाहे गुरु।
-हर देश में तू, हर वेश में तू, तेरे नाम अनेक, तू एक ही है।
-देशगान- कंठ-कंठ से देश भविष्य का नूतन गान उठा।
-कसरत गीत-कसरत करते हम सब बच्चे, दौड़ लगाते तड़के-तड़के।

इनकी भी सुनिए
प्रार्थना सभा को प्रभावी बनाने के लिए संस्थान के विशेषज्ञों ने कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसे एसईआरटी भेजा जा रहा है। वहां मंजूरी मिलने पर इसे मास्टर ट्रेनरों को दिया जाएगा।
- शशि बाला चौधरी, प्राचार्या, डायट

‘प्रार्थना को प्रभावी बनाने के लिए प्रतिदिन अलग-अलग प्रार्थना रखी गई। विशेष त्योहारों पर देशगान, झंडागान, सरस्वती वंदना, स्वागत गान रखा गया है। अलंकार, तार और स्वर की भी जानकारी जाएगी। छात्रों में निश्चित रूप से प्रार्थना के प्रति रुझान बढ़ेगा और इसका अच्छा लाभ मिलेगा।
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- डा. सरोजिनी गुप्ता, प्रभारी, कार्यअनुभव विभाग, डायट, रुड़की।

प्रार्थना सभा को लेकर बेहद अच्छी पहल की जा रही है। छात्रों में प्रार्थना के प्रति रुचि बढ़ेगी। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ेगा। साथ ही उनकी जानकारी बढ़ेगी।
- संजय वत्स, मास्टर ट्रेनर, प्रभावी प्रार्थना सभा।
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