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नवरात्र के पहले दिन देवी के शैलपुत्री स्वरूप का हुआ पूजन

Fri, 08 Apr 2016 10:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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नवरात्र पर मंदिरों में लगी भीड़ - फोटो : amar ujala
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नवरात्र के पहले दिन सभी मंदिरों में देवी के पहले स्वरूप शैलपुत्री का विशेष पूजन किया गया। सुबह देवी का अभिषेक एवं विशेष शृंगार हुआ। अधिकतर जगहों पर अभिजित मुहूर्त में ही घट-स्थापना की गई। मंदिरों और घरों में जौ बोई गई। अखंड ज्योत जलाई गई। शाम को मंदिरों में भजन-कीर्तन हुए।
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उत्तराखंड विद्वत सभा के पूर्व उपाध्यक्ष आचार्य भरत राम तिवारी के अनुसार सुबह 11.36 से 12.24 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में अधिकतर जगहों पर घट-स्थापना की गई, हालांकि मंदिरों में सुबह के मुहूर्त में घट-स्थापना कर ली गई। 

डॉ. आचार्य सुशांतराज के अनुसार लोगों ने घरों में भी पूजन कराया। अखंड ज्योति जलाई। अब श्रद्धालु नौ दिन तक इस ज्योत की रक्षा करेंगे। व्रत रखकर अखंड ज्योत में घी डालते रहेंगे। कन्या पूजन तक यह अखंड दिया जलता रहेगा। वहीं शहर के मंदिर नवरात्र के लिए विशेष रूप से सजाए गए हैं। 
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कालिका भवन
कालिका मार्ग स्थित कालिका भवन में सुबह घट-स्थापना के बाद ढोल-बाजों के  साथ देवी मां की आरती की गई। 108 ब्राह्मणों ने दुर्गा-अनुष्ठान किया। मंदिर के पुजारी चंद्र प्रकाश ममगाई ने दुर्गा हवन किया। कालिका भवन परिसर में स्थित सिंदूरिया हनुमान मंदिर में श्रीराम चरित मानस का पाठ शुरू हुआ। दोपहर साढ़े बारह बजे ब्राह्मणों ने भोजन ग्रहण किया। संपूर्ण कार्यक्रम मंदिर के महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस मौके पर रमेश साहनी, दयाल धवन, एलडी भाटिया, साहेब राम डोरा, एनके दत्ता, जयकिशन कक्कड़ आदि उपस्थित थे। 

माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर
टपकेश्वर स्थित माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर में चैत्र नवरात्र महोत्सव का शुभारंभ हुआ। घट-स्थापना की गई एवं हरियाली बोई गई। दुर्गा-सप्तशती का पाठ शुरू किया गया। सुबह माता वैष्णो के मां काली, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी स्वरूप पिंडियों को हरिद्वार अर्द्धकुंभ से लाए गए पवित्र जल से स्नान कराया गया। 

इसके पश्चात सभी स्वरूपों को नए वस्त्र आभूषण धारण करा विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर लाल-लाल चुनरी सितारों वाली, जिसे ओढ़ के आई है मां शेरो वाली आदि भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। शाम को देवी का विशेष शृंगार एवं आरती की गई। कार्यक्रम में आचार्य बिपिन जोशी, पंडित दीपेंद्र नौटियाल, कुलदीप कुकरेती उपस्थित थे।

श्री पृथ्वीनाथ मंदिर
सहारनपुर चौक स्थित श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में महंत 108 रविंद्रपुरी महाराज के सानिध्य में देवी के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री का पूजन किया गया। सुबह शुभ मुहूर्त में घट-स्थापना की गई। गंगाजल, दूध, घी, पंचामृत, शहद आदि से देवी मां को स्नान कराया गया। मां को पान, सुपारी, नारियल आदि चढ़ाए गए। 

इस मौके पर बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया गया। महिला भजन मंडली की ओर से गणेश जी के भजनों से शुरुआत की गई। इसके साथ ही देवी के भजन गाए गए। सेवादार संजय गर्ग ने बताया कि बालाजी महाराज की शोभायात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा में 501 महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलेगी। इस मौके पर दिगंबर दिनेश पुरी, भागवत पुरी, पंडित भारत भूषण, राजेंद्र आनंद, नवीन गुप्ता आदि उपस्थित थे।

प्राचीन शिव मंदिर
धर्मपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में नवरात्र की शुरुआत श्री राम कथा ज्ञान गंगा महायज्ञ से की गई। इससे पहले नवरात्र के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में देवी-देवताओं के स्वरूप रखे गए। राम कथा के माध्यम से अच्छे कार्य करने की सीख दी गई। कार्यक्रम में आत्माराम शर्मा, मदन गोपाल हुरला, भीम प्रकाश, जय प्रकाश आदि ने सहयोग किया। 

डाट काली मंदिर
सहारनपुर रोड स्थित डाट काली मंदिर में देवी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालु देवी के दर्शन को पहुंचने लगे थे। देवी का विशेष शृंगार एवं आरती की गई। भजन-कीर्तन एवं दुर्गा-सप्तशती के पाठ हुए। शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। महंत रमन दास गोस्वामी ने बताया कि नवरात्र के अंतिम दिन भंडारे की व्यवस्था की जाएगी। 

यहां भी आयोजन
गीता भवन में श्रीराम चरित मानस का पाठ किया गया। घट-स्थापना हुई। मंदिर के मुख्य पुजारी भगवती प्रसाद थपलियाल ने बताया कि नवरात्र के अंतिम दिन कथा का समापन होगा। इंद्रापुरम स्थित नर्मदेश्वर मंदिर में भजन-कीर्तन हुए। पंडित ज्ञानेंद्र पांडे ने बताया कि नौ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना एवं भजन होंगे। इस मौके पर पंचायती मंदिर, वैष्णो-दुर्गा मंदिर आदि में विशेष पूजा-अर्चना की गई। 

श्री श्याम सुंदर मंदिर
पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में घट स्थापना के बाद पंडित मग्नानंद गोदियाल ने दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। देवी-देवताओं का शृंगार किया गया। महिला संकीर्तन टोली ने मंदिर में रामायण पाठ किया। शाम को मंदिर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में डॉली मोहन, रमा तनेजा, गोपी गोगिया, मधु साहनी, मोहिनी देवी, शशि, रेखा टुटेजा, सुमन दुआ, हेमा ने सहयोग किया। 
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