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नंदा राजजातः कांसुवा में भी मुश्किलें बेशुमार

Fri, 02 Aug 2013 08:21 AM IST
विनय बहुगुणा
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श्रीनंदा राजजात के तीसरे पड़ाव और गैरसैंण ब्लाक के कांसुवा गांव में बेशुमार समस्याएं मुंह बाए खड़ी हैं। राजजात तैयारियों के नाम पर सड़क से गांव तक के लिए दो फीट के रास्ते का निर्माण हुआ है। जबकि मुख्य पैदल मार्ग, जिस पर से राजजात गुजरनी है पर अभी तक काम पूरा नहीं हुआ। कुछ हिस्सा बरसात से अवरुद्ध भी हो चुका है। राज कुंवरों के गांव कांसुवा में बिजली, पानी और संचार सेवा भी दम तोड़ रही है।
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नौटी से तीसरे पड़ाव कांसुवा तक का सफर भी मां नंदा के लिए इस बार दुश्वारियों भरा रहेगा। आपदा के कारण राजजात का बैनोली-ऐरोली-नौना-पयां-कांसुवा मुख्य पैदल मार्ग भी बदहाल बना हुआ है। गैरसैंण विकास विभाग द्वारा इस मार्ग का काम पूरा नहीं किया गया।

वहीं जितना काम हुआ भी था, वह भी क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्ग पर ग्रामीण जान जोखिम में डालकर चलने को विवश हैं। नौटी-आदिबदरी मार्ग से गांव के निर्मित दो फिट चौड़े रास्ते सहित अन्य पैदल मार्गों की हालत भी लगातार हो रही बरसात के चलते दयनीय बनी हुई है।
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20 अप्रैल को गढ़वाल कमिश्नर सुवर्धन के भ्रमण के दौरान तालगाड़ में पुलिया निर्माण शीघ्र किए जाने के निर्देश भी बेनतीजा रहे। इन हालात में राजजात में देवी भक्त कांसुवा कैसे पहुंचेंगे, कहना मुश्किल है।

भराड़ी चौक में होती है विशेष राजजात पूजा
गैरसैंण विकासखंड का कांसुवा गांव समुद्र तल से 1500 मीटर ऊंचा है। यहां करीब 100 परिवार निवास करते हैं। मां नंदा तीसरे पड़ाव के लिए यहां रात्रि विश्राम के लिए पहुंचती है। यहां राजवंशी कुंवर अपनी ईष्टदेवी मां नंदा और देवी भक्तों का आदर-सत्कार करते हैं। गांव में भराड़ी देवी और कैलापीर देवता के मंदिर हैं। भराड़ी चौक में चार सींगों वाले मेढ़े और पवित्र रिंगाल की छंतोली की विशेष पूजा होती है। यहां अभी तक मंदिर का सुंदरीकरण नहीं हुआ। ग्राम प्रधान मनवर सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत के सहयोग से अब मां नंदा और भराड़ी के मंदिर का सुंदरीकरण किया जाएगा।

बिजली, पानी और संचार सेवा भी बदहाल
राजजात तैयारियों के तहत कांसुवा गांव के लिए बनी एकल पेयजल योजना आपदा में स्रोत से ही क्षतिग्रस्त हो गई है। योजना पर लगे कई पाइप भी बह गए हैं। गांव में पिछले लंबे समय से बीएसएनएल की बेस फोन सेवा भी शोपीस बनी हुई है। ऊर्जा निगम की लापरवाही से गांव के बीचों-बीच तारें कई स्थानों झूल रही हैं। निगम ने भले ही दो नए ट्रांसफार्मर गांव में उपलब्ध करा दिए हैं। लेकिन लाइन से कब जुड़ेंगे, पता नहीं है।

चांदपुर गढ़ी मार्ग को नहीं मिली स्वीकृति
कांसुवा से राजजात चांदपुर गढ़ी कैसे जाएगी, जवाब न राजजात समिति के पास है और प्रशासन के पास। राजजात तैयारियों के तहत दो सौ से अधिक कार्य स्वीकृत किए गए थे। लेकिन तीन किमी लंबे कांसुवा-चांदपुर गढ़ी पैदल मार्ग को सूची में शामिल नहीं किया गया। वर्तमान में यह रास्ता पूरी तरह से झाड़ियों से पटा हुआ है। महादेव घाट वाला रास्ता भी पूर्व में बरसात में बह चुका है।

नौटी से कांसुवा का राजजात मार्ग क्षतिग्रस्त है। बिजली, पानी और संचार सेवा की स्थिति भी खराब है। हैरत यह है कि चांदपुर गढ़ी वाले मार्ग को स्वीकृति ही नहीं मिली है। हमने राजजात का संकल्प लिया है, जिसे पूरा करना जरूरी है। आपदा के बाद राजजात पड़ावों और रास्तों की स्थितियां भी काफी विकट हो चुकी है।
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-डा. राकेश कुंवर निवासी कांसुवा गांव/अध्यक्ष राजजात समिति
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