पत्नी को हत्या के इरादे से उत्तराखंड के नैनीताल घुमाने लाए पति अपने इरादे में कामयाब नहीं हो पाया। दोस्त के साथ मिलकर पति ने पहाड़ी से धक्का देकर पत्नी को खाई में तो धकेल दिया पर वह झाड़ियों में अटककर बच गई।
पुलिस के पास पहुंची पत्नी ने आपबीती बताई तो तत्काल सक्रिय पुलिस ने इलाहाबाद भाग रहे दोनों आरोपियों को काठगोदाम में पकड़ लिया। इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
ग्राम पीथीपुर कोड़ियार तहसील सुराव, थाना नवाबगंज (इलाहाबाद) निवासी शिव कुमार साहू (28) पुत्र देवतादीन की 10 दिसंबर, 2009 को ग्राम निवादावर्दनी, थाना न्यायायपुर (इलाहाबाद) की सुनीता (22) के साथ शादी हुई थी।
शुरू से ही वैवाहिक जीवन में कड़वाहट और चार साल तक बच्चे का जन्म न होने से रिश्तों की दरार बढ़ती गई। बीती 29 जुलाई को शिवकुमार पत्नी को घुमाने के बहाने नैनीताल लाया था।
उसके साथ उसका दोस्त मैरीहिल्स थाना काउर जिला पश्चिमी कनाडा (बंगलुरु) निवासी माइकल जेम्स पुत्र क्रानिक भी था। दोनों अंबेडकरनगर दिल्ली में रहते हैं तथा पेशे से वाहन चालक हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपी भवाली रोड स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे। 31 जुलाई बुधवार रात करीब दस बजे पति देहरादून घूमने जाने की बात कहकर पत्नी को तल्लीताल डांठ तक लाया।
वहां से बस रात की है कहकर पहले उसे नैनीझील किनारे ले गया। बाद में भवाली रोड की ओर ले आया। यहां टूटा पहाड़ से करीब 100 मीटर आगे उसने पत्नी को गहरी खाई में धक्का दे दिया और खुद दोस्त संग रोडवेज बस में सवार होकर भाग निकला। झाड़ियों को पकड़कर किसी तरह सुनीता बच गई।
सड़क तक आई तो पास से गुजर से कांस्टेबल रईस ने उसे तल्लीताल डांठ चौकी पहुंचाया। थानाध्यक्ष उत्तम सिंह ने बयान लेने के बाद उसे बीडी पांडे अस्पताल भर्ती किया। रात ही में दोनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए।
चिकित्सकों के मुताबिक युवती की कालर बोन खिसक गई है। पुलिस ने उसके मायके में सूचना दे दी है। जबकि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307 और 120 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
..मुझे एक बार पति से मिला दो
पति भले बेवफा निकला पर पत्नी इस क्रूर घटना के बाद भी पति को ही पूछती रही। अस्पताल में भर्ती सुनीता हर आनेजाने वाले से पति से मिलाने की गुहार लगाती है। कहती है कि उसके पिता का 2002 में देहांत हो गया था।
उसकी मां छोटी सी किराने की दुकान चलाकर परिवार चला रही हैं। दो बड़ी बहनें शादीशुदा हैं जबकि छोटी बहन और भाई अभी पढ़ रहे हैं। परिवार गरीब होने से उसने मां को कभी अपनी पीड़ा नहीं बताई। मां सुनेगी तो उसे दिल का दौरा पड़ेगा।
इसी कारण वर्षों से पति के अत्याचार सहते हुए भी पति के साथ रहना चाहती है।
इस तरह रचा पति ने षड्यंत्र
सुनीता ने पुलिस को बताया कि वह बीते 15 दिनों से मायके में रह रही थी। आरोपी पति ने उसे यह कहकर दिल्ली बुलाया कि वह घूमने जाएंगे लेकिन मां तथा बहनों को इस बारे में कुछ मत बताना। भोली-भाली सुनीता पति के सुधर जाने के आस में बिना किसी को बताए दिल्ली आ गई।
सुनीता का आरोप है कि उसके पति का किसी दूसरी महिला से प्रेमप्रसंग है और शायद दोनों ने विवाह भी कर लिया है। इसी कारण उसे ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई।