गौलापार में बनने वाले चिड़ियाघर की योजना लटक गई है। सूत्रों के अनुसार शासन से सेंट्रल जू अथारिटी (सीजेडए) को अभिलेख भेजे जाने थे, वह नहीं पहुंचे पाए हैं। इससे योजना पर आगे काम शुरू नहीं हो पाया है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के अंतर्गत गौलापार में करीब 400 हेक्टेयर में विशाल चिड़ियाघर की योजना बनाई गई। इसमें टाइगर, हाथी की सफारी की भी योजना है। शुरुआत में काफी तेज गति से काम हुआ।
पहले चरण में शासन से अनुमति मिलने से लेकर सेंट्रल जू अथारिटी की टीम ने गौलापार में बनने वाली जगह का निरीक्षण भी कर लिया। इसके बाद सीजेडए ने चिड़ियाघर से संबंध में कुछ जानकारी मांगी।
सूत्रों के अनुसार इसका जवाब मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक स्तर से जाना था, पर यह जवाब अभी तक नहीं पहुंचे। इसके कारण मामला लटक गया है।
सीजेड से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इस बाबत डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हुआ।