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सुसाइड नोट लिखा और दे दी जान

Sat, 25 Apr 2015 02:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
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आरटीओ कार्यालय के पास मैदान में शुक्रवार शाम एक बाइक मेकेनिक ने जहर खाकर जान दे दी। मेकेनिक एक दिन पहले घरवालों को बगैर बताए गायब हुआ था। पुलिस ने शव के पास से ही जहर की शीशी और सुसाइड नोट बरामद किया है। सुसाइड नोट में युवक ने आत्महत्या के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराते हुए परिवार से अनुरोध किया है कि जमीन बेचकर पत्नी को पैसा दे दिया जाए।
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गायत्रीनगर फेस-3 निवासी और बरेली रोड स्थित पीएनबी की शाखा में चतुर्थ श्रेणी पद पर कार्यरत नैन सिंह का पुत्र बाइक मेकेनिक गणेश गुरुवार शाम चार बजे परिवार वालों को बगैर बताए घर से निकल गया। शुक्रवार शाम उसका शव आरटीओ कार्यालय के खेल के मैदान में झाड़ियों के बीच पड़ा मिला। घटना की सूचना पर मुखानी थानाध्यक्ष संजय पांडेय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट और पास ही में जहर की खाली शीशी बरामद हुई। सुसाइड नोट में गणेश ने लिखा है कि लक्ष्मी (पत्नी), बाबू, आशु, दादी मुझे माफ कर देना।

दो-तीन कट्टे जमीन बेचकर पैसे लक्ष्मी को दे देना। वो पहाड़ में अपनी जिंदगी काट लेगी। अपने भाई धर्मवीर का मोबाइल नंबर लिखने के बाद उसने यह भी लिखा था कि वह अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। इसके लिए किसी को परेशान करने की जरूरत नहीं है। गणेश के बड़े भाई धर्मवीर ने बताया कि उसकी शादी करीब आठ माह पहले धारचूला (पिथौरागढ़) निवासी लक्ष्मी के साथ हुई थी। घटना की जांच कर रहे उपनिरीक्षक लक्ष्मण सिंह ने बताया कि गणेश नशे का आदती था। परिजनों ने उसे नशा मुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया था। घटना का कारण आर्थिक तनाव बताया जा रहा है।
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बेरोजगारी बनी आत्महत्या की वजह
गणेश के साथियों ने बताया कि बेरोजगारी उसकी सबसे बड़ी समस्या थी और तनाव के चलते वह नशे का आदी हो गया था। इधर, शादी होने के बाद उसने बाइक मेकेनिक का भी काम छोड़ दिया था। पुलिस का मानना है कि आर्थिक तंगी ही आत्महत्या की मुख्य वजह रही होगी। मृतक के पिता ने पुलिस से पोस्टमार्टम नहीं कराने का अनुरोध किया, लेकिन पुलिस ने अपनी ड्यूटी की मजबूरी बताते हुए शव को कब्जे में ले लिया।
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