नैनीताल। नैनीताल में पिछले दिनों हुई जबरदस्त बर्फबारी से जनजीवन भले ही अस्त व्यस्त हुआ और कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी लेकिन बारिश और बर्फबारी नैनीझील की सेहत के लिए वरदान साबित हुई है। बीते सात साल में यह पहला मौका है जब 11 फरवरी को झील का जल स्तर सबसे अधिक रिकार्ड किया गया है। ऐसे में उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार गर्मियों ने नैनीताल के लोगों को पेयजल संकट से नहीं जूझना पड़ेगा।
पिछले सात साल में फरवरी में नैनीझील का जल स्तर कभी भी पांच फुट से अधिक रिकार्ड नहीं हुआ था लेकिन इस बार 11 फरवरी को नैनीझील का जल स्तर नौ फुट आधा इंच रिकार्ड किया गया है। ऐसे में झील पानी से लबालब नजर आ रही है और उसका सौंदर्य देखते ही बनता है। यहां आने वाले सैलानियों को भी आजकल नैनीझील खूब भा रही है।
और जब माल रोड में पहुंच गया था नैनीझील का पानी
नैनीताल। पिछले साल अक्तूबर में एक समय ऐसा भी आया जब नैनीझील का जल स्तर 12 फुट से ऊपर पहुंच गया था। सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए ओटोमेेटिक स्काडा गेट नहीं खुले थे और पानी की निकासी न होने के कारण झील का पानी माल रोड और भवाली रोड तक जा पहुंचा था। यही नहीं मल्लीताल छोर में झील का पानी मां नयना देवी मंदिर परिसर तक पहुंच गया था। तब मंदिर परिसर में पहुंचे झील के पानी में तैरते हुए एक पुजारी की वीडियो वायरल हुई थी।
बीते सात साल में 11 फरवरी को नैनीझील का जल स्तर
वर्ष जल स्तर
2016 छह इंच
2017 एक इंच
2018 तीन फुट
2019 पांच फुट साढ़े आठ इंच
2020 पांच फुट साढ़े आठ इंच
2021 चार फुट आधा इंच
2022 नौ फुट आधा इंच
झील का जल स्तर यदि इसी तरह बना रहा तो निश्चित रूप से गर्मियों में पेयजल वितरण में दिक्कत नहीं होगी। इसका लाभ गर्मियों में मिलेगा। - विपिन चौहान, अधिशासी अभियंता, जलसंस्थान नैनीताल।
बारिश और बर्फबारी के बाद नैनीझील का जल स्तर तेजी से बढ़ा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पड़ी बर्फ धीरे धीरे पिघल रही है और नालों से होते हुए उसका पानी झील तक पहुंच रहा है। झील के लबालब होने का लाभ गर्मियों में मिलेगा और पानी की किल्लत नहीं होगी। - रमेश सिंह गैड़ा, प्रभारी नैनीझील नियंत्रण कक्ष नैनीताल।