अल्मोड़ा के इस मकान में रुके थे स्वामी विवेकानंद
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अल्मोड़ा नगर के लोगों ने दो बार स्वामी विवेकानंद की मेहमाननवाजी की है। स्वामी विवेकानंद दो बार 1890 और 1897 में अल्मोड़ा आए थे। उन्होंने यहां साधना की थी। 11 मई 1897 को उन्होंने खजांची बाजार में जन समूह को उपदेश देकर भाईचारे का पाठ पढ़ाया था।
उत्तराखंड के संबंध में तब उन्होंने कहा था कि यह वही भूमि है जहां निवास करने की कल्पना मैं अपने बाल्यकाल से ही कर रहा हूं। इन पहाड़ों के साथ कई श्रेष्ठतम स्मृतियां जुड़ीं हैं। यदि धार्मिक भारत के इतिहास से हिमालय को निकाल दिया जाए तो उसका अत्यल्प ही बचा रहेगा। इसलिए यहां एक केंद्र अवश्य होना चाहिए। दो अगस्त 1897 में स्वामी विवेकानंद मैदान की तरफ लौट गए। वह खजांची मोहल्ला स्थिति स्व बद्री शाह के मेहमान बने थे। इस मकान में उनके निवास करने संबंधित पट्टिका भी लगी है। उनके मन में हिमालय में एक केंद्र स्थापित करने का विचार था।
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