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Uttarakhand: सीप से निकले मोती से चमकेगी किसानों की किस्मत, ऐसे होगा उत्पादन; बाजार में मिलती है अच्छी कीमत

Tue, 06 Feb 2024 12:28 PM IST
हीरा मेहरा अमित उप्रेती, संवाद

सार

उत्तराखंड के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। कुमाऊं के नैनीताल में चित्रकूट से आया सीप अब मोती पैदा करेगा। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा। नैनीताल जिले के सात किसानों को चित्रकूट में मोती उत्पादन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। 
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मोती से चमकेगी किसानों की किस्मत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चित्रकूट से आया सीप अब नैनीताल जिले में मोती पैदा करेगा। इससे किसानों की आय में इजाफा होगा। साथ ही उन्हें पारंपरिक खेती के स्थान पर एक विकल्प भी मिलेगा। यह प्रयोग आत्मा परियोजना (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण) के तहत किया जा रहा है।

प्रदेश में नैनीताल जिले से इसकी शुरुआत हो रही है। यहां चयनित सात किसानों को चित्रकूट में मोती उत्पादन का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्हें चित्रकूट से नि:शुल्क 10-10 सीप भी उपलब्ध कराई गई है। भीमताल ब्लाक के सलड़ी, हरिनगर आदि गांवों में तालाब में किसानों ने उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मोती उत्पादन योजना सफल होने पर इसे जिला योजना में भी रखा जाएगा और फिर अन्य जिलों में भी इसका उत्पादन शुरू होने में मदद मिल सकेगी। हालांकि बाद में रामनगर और यूपी की अन्य नदियों से भी सीप लाकर किसानों को देने की योजना है।
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ऐसे होगा उत्पादन
सीप को पकड़कर उनके अंदर सर्जरी के माध्यम से पॉली कार्बन का टुकड़ा डाला जाता है। फिर सीप को पानी की गुणवत्ता, अनुकूल तापमान वाले तालाब में छोड़ दिया जाता है। सीप के अंदर मोती बनने की प्रक्रिया पूरी होने में डेढ़ से दो साल लग जाते हैं। एक सीप तकरीबन तीन से चार मोती बनाता है।

बाजार में मिलती है अच्छी कीमत
मोती का अलग-अलग क्वालिटी का एक दाना बाजार में 200 से 500 रुपये में बिकता है। एक वर्गमीटर के टैंक में किसान पांच से छह हजार रुपये का मोती उत्पादन कर सकता है। 100 वर्ग मीटर हो तो किसान की कमाई पांच लाख रुपये तक पहुंच जाती है।

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प्रदेश का पहला अभिनव प्रयोग नैनीताल में किया जा रहा है। नि:शुल्क प्रशिक्षण के बाद चयनित किसानों को 10-10 सीप दी गई हैं और उन्होंने उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम की ओर से इस प्रयोग पर विशेष तौर से जोर दिया गया है। -डॉ. विशाल दत्ता, जिला मत्स्य प्रभारी, नैनीताल

आबादी बढ़ रही है और खेती कम होते जा रही है इसलिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रयोग सफल रहा तो जिले के साथ प्रदेश के छोटे किसानों को काफी लाभ मिल सकेगा। -विकेश यादव, मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल



 
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