ऐसे होगा उत्पादन
सीप को पकड़कर उनके अंदर सर्जरी के माध्यम से पॉली कार्बन का टुकड़ा डाला जाता है। फिर सीप को पानी की गुणवत्ता, अनुकूल तापमान वाले तालाब में छोड़ दिया जाता है। सीप के अंदर मोती बनने की प्रक्रिया पूरी होने में डेढ़ से दो साल लग जाते हैं। एक सीप तकरीबन तीन से चार मोती बनाता है।
बाजार में मिलती है अच्छी कीमत
मोती का अलग-अलग क्वालिटी का एक दाना बाजार में 200 से 500 रुपये में बिकता है। एक वर्गमीटर के टैंक में किसान पांच से छह हजार रुपये का मोती उत्पादन कर सकता है। 100 वर्ग मीटर हो तो किसान की कमाई पांच लाख रुपये तक पहुंच जाती है।
प्रदेश का पहला अभिनव प्रयोग नैनीताल में किया जा रहा है। नि:शुल्क प्रशिक्षण के बाद चयनित किसानों को 10-10 सीप दी गई हैं और उन्होंने उत्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीएम की ओर से इस प्रयोग पर विशेष तौर से जोर दिया गया है।
-डॉ. विशाल दत्ता, जिला मत्स्य प्रभारी, नैनीताल
आबादी बढ़ रही है और खेती कम होते जा रही है इसलिए छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। प्रयोग सफल रहा तो जिले के साथ प्रदेश के छोटे किसानों को काफी लाभ मिल सकेगा। -विकेश यादव, मुख्य कृषि अधिकारी, नैनीताल