हल्द्वानी शहर में लगे बिजली के खंभे हादसों को दावत दे रहे हैं। कई पोल जर्जर हो चुके हैं तो कई गलकर गिरने के कगार पर हैं। कई जगह तो टूटकर हवा में झूल रहे हैं। इनसे कभी भी हादसा हो सकता है। सार्वजनिक स्थल, मुख्य मार्गों और विद्यालयों के नजदीक होने के बावजूद ऊर्जा निगम कोई सुध नहीं ले रहा है। हद तो यह है कि विभागीय अफसरों के दफ्तर के निकट लगे पोल भी जर्जर हैं, फिर भी जिम्मेदार आंखें मूंदे हुए हैं।
केस एक-
विद्युत वितरण खंड ग्रामीण के कार्यालय से चंद कदम दूर बिजली का पोल गल गया है। इसके बाद भी ऊर्जा निगम बेखबर है। यहां पोल के निचले हिस्से के गलने से क्षेत्र में दुर्घटना का खतरा उत्पन्न हो गया है।
केस दो-
कालाढूंगी रोड पर कुसुमखेड़ा में एसबीआई एटीएम के पास लगे पोल का निचला हिस्सा पूरी तरह गल चुका है, जिससे दुर्घटना का अंदेशा बना है। इस पोल के पास दो कॉलोनियों को रास्ता जाता है।
केस तीन-
चोरगलिया रोड पर बिजली के दो पोल गलने और सपोर्ट सिस्टम टूटने पर हवा में लटक रहे हैं। ललित आर्य महिला इंटर कॉलेज के ठीक सामने हवा में झूल रहे ये जर्जर पोल दुर्घटनाओं को दावत दे रहे हैं।
केस चार-
रेलवे बाजार में एक पोल अधिक बोझ होने और सपोर्ट सिस्टम टूटने से तिरछा होकर एक मकान की ओर झुक गया है जिससे रेलवे स्टेशन पर आवाजाही के दौरान कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।