गौला खनन क्षेत्र में मंगलवार शाम 700 डंपरों की निकासी नहीं हो सकी। गोरापड़ाव गेट पर नेट कनेक्टिविटी खराब होने से वाहन फंस गए। एक तुलाई कांटा नहीं चलने से इंदिरानगर गेट के वाहन नदी क्षेत्र में फंसे रह गए।
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गौला नदी में वन निगम ने इलेक्टि्ानिक कांटे लगाए हैं। पर अभी यह काम पूरी तरह व्यवस्थित नहीं हो सका है। इंदिरानगर गेट पर तुलाई के तीन कांटे हैं, पर इनमें केवल दो कांटे ही संचालित हैं। गौला खनन संघर्ष समिति के अध्यक्ष पम्मी सैफी कहते हैं कि इसके चलते सभी वाहनों की तुलाई नहीं हो सकी और नियमों के हिसाब से शाम होने के बाद निकासी नहीं दी गई। पौने तीन सौ डंपर नदी क्षेत्र में फंस गए। इस सर्दी में डंपर चालक और क्लीनरों को वाहनों में रहना पड़ा। यह व्यवस्था ठीक होनी चाहिए। गोरापड़ाव और शीशमहल गेट पर भी दिक्कत आई है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंजर चंदन अधिकारी ने बताया कि गोरापड़ाव गेट में नेट कनेक्टिविटी में खराबी होने के कारण करीब तीन सौ वाहन गेट में फंस गए। वन निगम के डीएलएम धीरेश बिष्ट कहते हैं कि शीशमहल में वाहन स्वामियों की खनिज की ढुलाई के लिए अधिक भार क्षमता को स्वीकृत करने की मांग है, इसके चलते खनिज निकासी प्रभावित हुई है।