उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नवंबर में जारी निर्देशों का पालन न करने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि सभी पुलिस अधिकारी और एसएचओ अपने आधिकारिक ई-मेल से रिपोर्ट भेजें।
हाईकोर्ट ने नवंबर में जारी निर्देशों का पालन न करने पर नाराजगी जताते हुए पुलिस महानिदेशक को यह सुनिश्चित कराने के लिए कहा है कि सभी पुलिस अधिकारी और एसएचओ अपने आधिकारिक ई-मेल से रिपोर्ट भेजें।
विज्ञापन
सोमवार को सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता की ओर से बताया गया कि देहरादून के सहसपुर के पुलिस अधिकारी ने 2014 के एक आपराधिक मामले में प्रतिवादी के मृत्यु प्रमाणपत्र का सत्यापन किया था। इसमें न्यायालय ने पूछा था कि उन्हें संचार के किस माध्यम से जानकारी मिली? इस पर सरकारी पक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
आपराधिक साजिश और आईपीसी के तहत स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के आरोप में राम अवतार को बरी करने को चुनौती देने वाला एक मामला हाईकोर्ट में लंबित था 13 अक्तूबर को हुई आखिरी सुनवाई में कोर्ट को बताया गया कि राम अवतार की मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट ने तब पाया कि सैलाकुई देहरादून के कोतवाल ने बिना सत्यापन के राम अवतार के मृत्यु प्रमाणपत्र की एक फोटोकॉपी जमा की थी।