वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए एडवाइजरी जारी
नैनीताल जिले में वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है। साथ ही सभी प्रभागीय वनाधिकारी, जिला आपूर्ति अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी, नगर आयुक्त, उप जिलाधिकारी, लोनिवि आदि विभाग को दायित्व दिया गया है।
अपर जिला अधिकारी पीआर चौहान ने बताया कि विभिन्न व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों की ओर से वन भूमि में ठोस अवशिष्ठ के निस्तारण, जलावन, ज्वलनशील सामग्री एवं अन्य ऐसी सामग्री जो की अव्यवस्थित रूप से फैकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। कहा किसी व्यक्ति या प्रतिष्ठान की ओर से खुले में कूड़ा या जैविक ज्वलनशील सामाग्री फैकी जाती है, तो तत्काल प्रभाव से उसके विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन प्लान्ट, टैंचिग ग्राउंड व कूड़ा घरों में किसी भी प्रकार की सामग्री को जलाने पर पूर्णतः रोक लगाई गई है।
अपर जिला अधिकारी चौहान ने बताया ने पेट्रोल पंप, लीसा फैक्ट्री, भूसा गोदाम आदि के लिए परिसर के 100 मीटर की परिधि से ज्वलनशील अवशिष्ठ जैसे प्लास्टिक कागज संबंधित कूड़ा, पीरूल, सूखे पत्ते टहनियां इत्यादि को तत्काल हटाने के निर्देश दिए। कहा होटल, रिर्जाट, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, होम स्टे एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की ओर से उत्सर्जित अवशिष्ठों (जैविक एवं अजैविक) को खुले में छोड़ना पूर्णतः प्रतिबंधित होगा। प्रतिकूल तथ्य संज्ञान में आने पर दण्डात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। बताया कि धार्मिक स्थलों के 100 मीटर की परिधि में स्थापित विभिन्न फड़, दुकान व पूजा सामाग्री व्यापारी कूड़े का निस्तारण करेंगे। खुले में कूड़ा फैकने एवं फैलाने की दशा में संबंधित समिति, प्रबंधक, संचालक व व्यक्तियों की व्यक्तिगत जवाबदेही निर्धारित की जाएगी। उन्होंने सड़क एजेंसियों की ओर से एनएचएसएचएमडी आरओडीआर मार्गों के किनारे से तत्काल कंप्रेसर, लीफ ब्लोअर या मानव श्रम की ओर से सफाई कराते हुए सूखे पत्तों, पीरूल आदि को हटाने के निर्देश दिए।