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साइबर ठग गिरोह के तीन सदस्य दिल्ली से गिरफ्तार

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हल्द्वानी। मुखानी पुलिस ने दक्षिणी दिल्ली के संगम बिहार में छापा मारकर साइबर ठगी के तीन आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आठ सीपीयू, दो लैपटॉप, तीन एक्सटेंशन बोर्ड और 19 मोबाइल बरामद किया। आरोपियों ने फर्जी व्यवसायिक वेबसाइट बनाकर कई लोगों को ठगा है।
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आनंदपुरी फेस 3 निवासी अंकित शाह ने 19 अगस्त को तहरीर देकर बताया था कि उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति की कॉल आई थी। ठग ने बताया कि उसकी कंपनी अभी लांच हुई है। कंपनी की तरफ से उसके नंबर का चयन किया गया है। कंपनी से कोई एक प्रोडक्ट का चयन करके रजिस्ट्रेशन करा लें। अंकित ने एक हजार चार रुपये के एक जैकेट का चयन किया। फिर उससे सुनील सक्सेना नाम के व्यक्ति का कॉल आया। बताया गया कि आपको एक मोबाइल फोन गिफ्ट दिया जा रहा है लेकिन जैकेट के लिए जीएसटी देना होगा। अंकित ने गूगल पे के माध्यम से यूपीआई नंबर पर 12,390 अकाउंट में डाल दिया। जैकेट नहीं आने पर ठगी का अहसास हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया।
बहुउद्देशीय भवन में एसएसपी प्रीति प्रियदर्शिनी ने पत्रकारों को बताया कि इस मामले में उन्होंने थानाध्यक्ष सुशील कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित की। एसपी सिटी डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ इस टीम का निर्देशन कर रहे थे। सर्विलांस से सूचना इकट्ठा करने के बाद पुलिस टीम ने दक्षिणी दिल्ली संगम बिहार स्थित कॉल सेंटर पर दबिश दी। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए लोगों में गोविंदपुरी नई दिल्ली निवासी मैनेजर सुरेश कुमार मूल रूप से राजस्थान के देवगांव का रहने वाला है। दूसरा आरोपी चेतन शर्मा हरियाणा के ओल्ड फरीदाबाद और नागेंद्र दौलताबाद सेक्टर12 फरिदाबाद का रहने वाला है। पुलिस नई दिल्ली के बदरपुर निवासी राजेश तोमर उर्फ राजू की तलाश कर रही है।
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पता चला कि यह गिरोह फर्जी व्यवसायिक वेबसाइट बनाकर कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को ठगता है। प्रतिदिन यह गिरोह छह से दस लोगों से ठगी करता है। सौ शिकायतें आने पर यह गिरोह केयर सेंटर को बंद कर देता था। गिरफ्तार आरोपी सुरेश महाराष्ट्र से जेल भेजा गया था। चेतन और नागेंद्र गोविंदपुरी दिल्ली से गिरफ्तार हुए थे।
दस हजार लोगों को कर चुके हैं कॉल
हल्द्वानी। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पांच से दस हजार रुपये में गुजरात से वेबसाइट बनवाता था। सेंटर चलाने के लिए गिरोह ने किराए पर दक्षिण दिल्ली मेें टू बीएचके का फ्लैट लिया था। कॉल सेंटर में एक मैनेजर और आठ कालिंग एजेंट रखे हुए थे।
प्रत्येक एजेंट सौ नंबरों पर ठगने के लिए काल करता था। गिरोह मोबाइल कंपनी या शॉपिंग कंपनी से डाटा प्राप्त करता था। छानबीन से पता चला कि अभी तक यह गिरोह दस हजार लोगों को कॉल कर चुका है।
कम पढ़े लिखे हैं गिरोह के लोग
हल्द्वानी। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि गिरफ्तार नागेंद्र सातवीं कक्षा तक पढ़ा है। आरोपी सुरेश नौवीं तक पढ़ा है। चेतन शर्मा बीकाम पास है। सुरेश मैनेजर की भूमिका निभाता था। फरार आरोपी राजेश तोमर कंपनियों से डॉटा इकट्ठा करता है।
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