महेंद्र सिंह धोनी और उनके चचेरे भाई हयात सिंह
- फोटो : अमर उजाला
धोनी ने चचेरे भाई हयात से गांव की व्यथा जानी
धोनी ने अपने चचेरे भाई हयात सिंह धोनी से गांव की सामाजिक परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। हयात सिंह धोनी ने उन्हें गांव के बारे में बताया। साथ ही ये भी कहा कि रोजगार नहीं होने और बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था के चलते लोग गांवों से पलायन कर रहे हैं।
प्रधान दिनेश सिंह धोनी के अनुसार ल्वाली ग्राम पंचायत में कुल 60 परिवार थे। जिसमें से 25 परिवार सिर्फ धोनी लोगों के हैं। पलायन के चलते गांव से करीब 10 से अधिक परिवार यहां से जा चुके हैं। गांव की एक मात्र सिंचाई नहर काफी लंबे समय से बंद है। प्रधान ने कहा कि उनके गांव में आधुनिक सुविधाएं होंगी तो पलायन भी रुकेगा।
गांव के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आईं साक्षी
पहली बार ससुराल पहुंची साक्षी गांव के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आईं। ग्राम प्रधान दिनेश धोनी ने बताया कि साक्षी महिलाओं के साथ गांव का नौला देखने भी गईं।
बच्चे बोले-हमें भी आपकी तरह छक्के मारने हैं
गांव के बच्चे अपने बीच माही को देखकर फूले नहीं समाए। धोनी से बोले हमें भी आपकी तरह छक्के और चौके मारने हैं। बच्चों की ये बात सुनकर माही मुस्करा दिए।
शादी के 12 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचीं साक्षी
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी शादी के 12 साल बाद पहली बार अपने ससुराल ल्वाली पहुंचीं। साक्षी ने चचेरी व तहेरी सास, जेठानी आदि के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और हम उम्र की महिलाओं को गले लगाया।
देहरादून निवासी साक्षी ने चार जुलाई 2010 को माही के साथ परिणय सूत्र में बंधकर दांपत्य जीवन की शुरूआत की। शादी के 12 साल बाद बुधवार को साक्षी पति माही के साथ पहली बार ससुराल पहुंची। साक्षी ने गांव की महिलाओं के साथ हिंदी में आत्मीयता के साथ बात की। उनकी दिनचर्या के बारे में पूछा। महिलाओं ने भी साक्षी से खुलकर बात की।