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20 साल बाद लौटा माही: गांव का बच्चा-बच्चा धोनी से बोला एक ही बात, आपकी तरह हमें भी करना है ये काम

Thu, 16 Nov 2023 04:25 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बुधवार को अपने पैतृक गांव जैंती तहसील के ल्वाली पहुंचे। उनकी एक झलक पाने के लिए उनके प्रशंसक बेताब दिखे। इस दौरान गांव के बच्चे अपने बीच माही को देखकर फूले नहीं समाए। 
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महेंद्र सिंह धोनी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को गांव में देखकर लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने वाले माही ने मातृभाषा कुमाऊंनी में लोगों से बातचीत कर सबका दिल जीत लिया।

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माही दो दशक बाद अपने पैतृक गांव ल्वाली पहुंचे। आसपास के गांवों से भी लोग उन्हें देखने के लिए पहुंच गए। माही सादगी से लोगों से मिले और गांव के लोगों से कुमाऊंनी में ही बात की। धोनी ने आमा, बुबूओं और अपने से बड़ों के पांव छूकर सभी को पैलाग कहकर उनका अभिवादन किया। आमा कुशल कसि छू, स्वास्थ्य ठीक छू... कहकर उनका हालचाल जाना। धोनी को ठेठ कुमाऊंनी भाषा में बोलते लोग दंग रह गए। 

धोनी ने चचेरे भाई के घर पर चाय पी
मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद माही  पत्नी साक्षी के साथ अपने चचेरे भाई चंदन सिंह धोनी के आवास पर पहुंचे। वहां भाई के परिवार का हालचाल जाना। इसके बाद उनके घर में चाय पी और उनके पुरानी यादों को साझा किया। 

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महेंद्र सिंह धोनी और उनके चचेरे भाई हयात सिंह - फोटो : अमर उजाला
धोनी ने चचेरे भाई हयात से गांव की व्यथा जानी
धोनी ने अपने चचेरे भाई हयात सिंह धोनी से गांव की सामाजिक परिस्थितियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। हयात सिंह धोनी ने उन्हें गांव के बारे में बताया। साथ ही ये भी कहा कि रोजगार नहीं होने और बदहाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था के चलते लोग गांवों से पलायन कर रहे हैं।

प्रधान दिनेश सिंह धोनी के अनुसार ल्वाली ग्राम पंचायत में कुल 60 परिवार थे। जिसमें से 25 परिवार सिर्फ धोनी लोगों के हैं। पलायन के चलते गांव से करीब 10 से अधिक परिवार यहां से जा चुके हैं। गांव की एक मात्र सिंचाई नहर काफी लंबे समय से बंद है। प्रधान ने कहा कि उनके गांव में आधुनिक सुविधाएं होंगी तो पलायन भी रुकेगा। 

गांव के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आईं साक्षी
पहली बार ससुराल पहुंची साक्षी गांव के प्राकृतिक सौंदर्य से अभिभूत नजर आईं। ग्राम प्रधान दिनेश धोनी ने बताया कि साक्षी महिलाओं के साथ गांव का नौला देखने भी गईं। 

बच्चे बोले-हमें भी आपकी तरह छक्के मारने हैं
गांव के बच्चे अपने बीच माही को देखकर फूले नहीं समाए। धोनी से बोले हमें भी आपकी तरह छक्के और चौके मारने हैं। बच्चों की ये बात सुनकर माही मुस्करा दिए।
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शादी के 12 साल बाद पहली बार ससुराल पहुंचीं साक्षी
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी शादी के 12 साल बाद पहली बार अपने ससुराल ल्वाली पहुंचीं। साक्षी ने चचेरी व तहेरी सास, जेठानी आदि के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और हम उम्र की महिलाओं को गले लगाया।

देहरादून निवासी साक्षी ने चार जुलाई 2010 को माही के साथ परिणय सूत्र में बंधकर दांपत्य जीवन की शुरूआत की। शादी के 12 साल बाद बुधवार को साक्षी पति माही के साथ पहली बार ससुराल पहुंची। साक्षी ने गांव की महिलाओं के साथ हिंदी में आत्मीयता के साथ बात की। उनकी दिनचर्या के बारे में पूछा। महिलाओं ने भी साक्षी से खुलकर बात की। 
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