हल्द्वानी। हरिपुर तुलाराम निवासी पूर्व सैनिक कौस्तुभानंद शर्मा पर दो सितंबर की रात गोली चलाने वाले हरियाणा के फतेहाबाद नहला निवासी अमित उर्फ मित्ता और किच्छा रोड रुद्रपुर निवासी केरल ट्रांसपोर्ट में मैनेजर अमरजीत उर्फ मीनू को पुलिस ने जेल भेज दिया है। पुलिस की जांच में आया है कि आरोपियों ने पूर्व सैनिक के घर का पता पूछने के लिए एक अन्य ट्रांसपोर्टर को वीडियो कॉल किया था।
पुलिस की प्राथमिक जांच से पता चला है कि कौस्तुभानंद का बेटा ललित मोहन शर्मा ट्रांसपोर्टरों का पैसा लेकर विदेश चला गया है। दबाव पड़ने पर पूर्व सैनिक ने खेत बेचकर ट्रांसपोर्टरों को 20 लाख रुपये दिया था। गोली मारने की घटना के एक दिन पहले रुद्रपुर में ट्रांसपोर्टरों की पंचायत हुई थी। इस बैठक में शामिल पूर्व सैनिक ने 80 लाख रुपये देने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद अमरजीत ने अपने साथियों के साथ पूर्व सैनिक को धमकाने की योजना बनाई। मंडी चौकी प्रभारी दिनेश चंद्र जोशी ने बताया कि घटना के बाद हमलावर रामपुर के रास्ते फरार हुए थे। कार की व्यवस्था फरार आरोपी मोनू उर्फ मुंडी ने व्यवस्था की थी। उसने ही कार की नंबर प्लेट बदली थी।
हत्या करने वाले थे आरोपी
हल्द्वानी। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हरियाणा में भी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज है। आरोपियों की गांव में भी रंजिश चल रही है। वे गांव में एक व्यक्ति की गांव में हत्या करने की योजना बना रहे थे।