हल्द्वानी। आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शामिल कैंची धाम तक पहुंचने वाला रानीबाग-भीमताल मोटर मार्ग सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। 17 किलोमीटर सड़क पर 185 से अधिक छोटे-बड़े गड्ढे यात्रियों की परीक्षा ले रहे हैं। विभाग स्थायी समाधान के बजाय उनमें मिट्टी डालकर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान रहा है। बारिश की पहली फुहार के साथ यह मिट्टी बह जाती है और सड़क पहले से ज्यादा खतरनाक हो जाती है।
रानीबाग से भीमताल तक फैली इस सड़क पर 165 गड्ढे रानीबाग से सलड़ी के बीच और 20 गड्ढे सलड़ी से भीमताल के बीच हैं। कई स्थानों पर सड़क का डामर पूरी तरह उखड़ चुका है और बीच सड़क पर गहरी नालियां बन गई हैं। रोजाना हजारों श्रद्धालु और पर्यटक इसी मार्ग से कैंची धाम पहुंचते हैं लेकिन सफर जोखिम भरा हो गया है। यात्री वाहन हिचकोले खाते हुए चल रहे हैं और दोपहिया चालकों के लिए तो यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है।
दो साल बाद भी नहीं सुधरा भूस्खलन वाला हिस्सा
रानीबाग पुल के पास दो वर्ष पहले हुए भारी भूस्खलन में सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। उस समय दो दिन तक यातायात प्रभावित रहा और भारी वाहनों को ज्योलीकोट होकर भेजना पड़ा था। दो साल बीतने के बाद भी विभाग उस हिस्से की स्थायी मरम्मत नहीं करा पाया। बरसात में यहां कीचड़ जमा हो जाती है और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। रानीबाग से सलड़ी तक अधिकांश हिस्सों में सड़क की हालत बदहाल बनी हुई है।
काठगोदाम तक भी नहीं राहत
सिर्फ रानीबाग-भीमताल मार्ग ही नहीं बल्कि नरीमन तिराहे से काठगोदाम तक की सड़क भी गड्ढों से छलनी है। बारिश में इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालकों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
खानापूर्ति को धो रही बारिश
लोक निर्माण विभाग गड्ढों की मरम्मत के नाम पर उनमें मिट्टी भरकर खानापूर्ति कर रहा है। कुछ घंटों या एक-दो दिन के भीतर बारिश यह मिट्टी बहा ले जाती है। इसके बाद सड़क पर फिसलन बढ़ जाती है और दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
रोज गुजरते हैं 17 हजार वाहन
रानीबाग-भीमताल मार्ग पर प्रतिदिन 17 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन दौड़ते हैं। कैंची धाम की बढ़ती लोकप्रियता के बाद इस सड़क पर चौबीसों घंटे यातायात रहता है। खराब सड़क के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ रही है। ईंधन की खपत बढ़ रही है और गड्ढों में वाहन गिरने से उनके कल-पुर्जे भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
विभागीय अधिकारियों को गड्ढे भरने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात के बाद पैचवर्क और जहां आवश्यकता होगी वहां डामरीकरण भी कराया जाएगा, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।
- ललित मोहन रयाल, डीएम जिलाधिकारी
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला
हल्द्वानी , रानीबाग गुलाबघाटी के पास खस्ता हाल सड़क। अमर उजाला