हल्द्वानी। जीएसटी की दरों में रियायत ने कारोबारियों और लोगों को राहत तो जरूर दी लेकिन अब विभाग के खजाने में कमी की गूंज सुनाई देने लगी है। घाटे की भरपाई के लिए राज्य कर विभाग ने सेवा क्षेत्र की ओर रुख किया है जहां होटल से लेकर ब्यूटी पार्लर, कोचिंग सेंटर और ट्रैवल एजेंसी तक की हर सेवा पर नजर टिकी है। कर विभाग अब राहत के बाद राजस्व का नया गणित बिठाने में जुट गया है।
सेवा क्षेत्र में उत्तराखंड में किसी फर्म की टर्न ओवर की लिमिट 20 लाख रुपये तक है। कई बार टर्न ओवर छिपाने के लिए परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम भी फर्म चलाई जाती हैं। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक गुड्स क्षेत्र में अधिकतर व्यापारी अपंजीकृत हैं। रोडवेज और प्राइवेट बसों के जरिये सामान ला रहे हैं।
सहायक कर आयुक्त कमल किशोर जोशी ने बताया कि जीएसटी विभाग सेवा क्षेत्र बैंक्वेट हॉल, होटल इंडस्ट्री, कोचिंग सेंटर, रियल स्टेट, ब्यूटी पार्लर, स्पा, ट्रांसपोर्टेशन, टैक्सी, टूर एंड ट्रैवल क्षेत्र से राजस्व कर की वसूली करेगा। सेवा क्षेत्र में जहां अपंजीकृत कारोबारी हैं या वास्तविक से कम टर्न ओवर दिखा रहे हैं, उनपर विभाग नजर रख रहा है।
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पुराने ड्यूज की वसूली करने की तैयारी चल रही है। पंजीयन श्रेणी में आने के बाद भी जो पंजीयन नहीं करा रहे उनका दायरा बढ़ाया जा रहा है। प्रत्येक अधिकारी को अपने क्षेत्र में गहन मॉनीटरिंग करने के निर्देश है। - हेमा बिष्ट, संयुक्त आयुक्त कार्यपालक, हल्द्वानी।