हल्द्वानी। इंदिरानगर नूरी मस्जिद के पास बुधवार की सुबह बड़ा हादसा हो गया। छत पर लगे झूले में झूलते समय पांच साल के मासूम की गर्दन रस्सी में फंस गई। इससे उसकी मौत हो गई।
पेंटर मो. फईम का पांच साल का बेटा अरमान प्राइमरी स्कूल में दूसरी कक्षा में पढ़ता था। बुधवार सुबह 11 बजे वह दो मंजिले मकान की छत पर अपने छोटे भाई चार वर्षीय फैजान के साथ झूला झूल रहा था। पेंटर की पत्नी जीनत मकान के सामने दुकान पर सामान खरीदने गई थी। कुछ देर बाद वह कपड़े सुखाने छत पर गई तो बेटे की गर्दन झूले में लगी नायलॉन की रस्सी में फंसी देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने तुरंत फंदे को काटा मगर अरमान बेहोश पड़ा था। चीख पुकार पर पहुंचे पड़ोसी अरमान को एसटीएच ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जीनत ने बताया कि अरमान सबसे बड़ा था। सबसे छोटा बेटा रेहान डेढ़ साल का है।
परिजनों के अनुरोध पर नहीं हुआ पोस्टमार्टम
हल्द्वानी। घर वाले मासूम का पोस्टमार्टम नहीं करना चाहते थे। पूर्व पार्षद शकील अहमद सलमानी बच्चे के पिता फईम को लेकर डीएम और सिटी मजिस्ट्रेट के पास गए। इसके बाद डीएम ने पंचायतनामा कर शव परिजनों को सौंपने के निर्देश पुलिस को दिए।
किराए के मकान में रहता है परिवार
हल्द्वानी। मासूम की मां जीनत ने बताया कि वे आबिद के मकान में किराए में रहते हैं। रोज उसके बच्चे झूला झूलने के लिए छत पर जाते थे। कभी ऐसी घटना नहीं हुई। जानकारी मिलने पर पेटिंग और मकान की पुताई करने गया फईम भी एसटीएच पहुंच गया।
माता-पिता के अलग-अलग बयान
हल्द्वानी। फईम ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा हाथी घोड़ा खेल रहा था। इस बीच उसकी गर्दन फंदे में फंस गई। वहीं जीनत का कहना था कि झूला झूलते समय घटना हुई। घटना के समय पिता घर पर मौजूद नहीं थे।
पुलिस का पक्ष
हल्द्वानी। बनभूलपुरा के उपनिरीक्षक संजय बोरा ने बताया कि अरमान लोहे की कुंडी में लगाए गए झूले पर झूल रहा था। झूले के नीचे कुर्सी भी मौजूद थी। लगता है कि कुर्सी हटने के बाद उसकी गर्दन फंदे में फंस गई थी। अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।