पहाड़ की शांत वादियां भी बीमारियों से अछूती नहीं रहीं। मच्छर जनित बीमारियां पहाड़ पर भी पहुंच चुकी हैं और लोग डेंगू की चपेट में आने लगे हैं। पहाड़ों पर बदल रहा वातावरण और पानी का जमाव मच्छरों की ब्रीडिंग में सहायक सिद्ध हो रहा है। बृहस्पतिवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डायबिटीज की थीम रखी गई है। डायबिटीज के देश में लगभग साढ़े छह से सात करोड़ रोगी हैं। हर सौ लोगों में से दस को डायबिटीज हो रही है।
पहाड़ों पर ठंडक रहने के कारण कुछ वर्षों पहले मच्छर जनित बीमारी नहीं होती थी। ठंडक के कारण मच्छर नहीं पनपते थे। मंडियों से पहाड़ों पर जा रहा सामान (खाद्य पदार्थ व अन्य) मच्छरों को ले जाने में वाहक का काम कर रहा है।
पहाड़ों पर हो रहे तेजी से निर्माण के चलते वातावरण में भी परिवर्तन आया है। जल जमाव के कारण मच्छर बढ़ रहे हैं और बीमारियां भी। डायबिटीज रोग विशेषज्ञ डा. नीलांबर भट्ट ने बताया कि पहाड़ पर डेंगू समेत अन्य बीमारी होने लगी हैं। उन्होंने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बार विश्व स्वास्थ्य दिवस पर डायबिटीज की थीम रखी है। वयस्क तेजी से डायबिटीज की चपेट में आ रहे हैं। लोगों को डायबिटीज के खतरे और उसे बचाव के बारे में जागरूक करने की आवश्यकता है।
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निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आज
हल्द्वानी। ग्लोबल हेल्थ एस्थेटिक लेजर हास्पिटल की ओर से बृहस्पतिवार को विश्व स्वास्थ्य दिवस पर सात एवं आठ अप्रैल को निशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाएगा। हड्डी और जोड़ रोग फिजियोथेरेपी एवं लेजर विशेषज्ञ डा. हर प्रसाद ने बताया कि शिविर में जोड़ एवं नसों से संबंधित बीमारी स्लिप डिस्क, सायटिका कमर दर्द, गठिया एवं कंधा जाम होने पर निशुल्क परामर्श दिया जाएगा।
डायबिटीज के प्रति करेंगे जागरूक
हल्द्वानी। आरोग्यम फाउंडेशन एवं इंडिया बुक आफ रिकार्ड की ओर से बृहस्पतिवार (आज) को जागरूकता प्रशिक्षण सेमिनार कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। फाउंडेशन के महासचिव दिनेश पंत ने बताया कि लोगों को टाइप वन एवं टाइम टू डायबिटीज के बारे में जानकारी दी जाएगी। लोगों को डायबिटीज नियंत्रित करने के बार में भी बताया जाएगा।
मानसिक रूप से भी होना चाहिए स्वस्थ
हल्द्वानी। मानसिक स्वास्थ्य परामर्श क्लीनिक की साइक्लाजिस्ट डा. नेहा शर्मा का मानना है कि व्यक्ति को मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना चाहिए। बीमारी न होने एवं शारीरिक रूप से हष्ट-पुष्ट होना ही काफी नहीं है। कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति मानसिक द्वंद्व से रहित, भावनात्मक रूप से परिपक्व, निर्णय क्षमता से युक्त, समस्याओं से अपनी राह निकालना और परिवेश में तालमेल बैठाने में सक्षम होता है। तनाव भरी जीवनशैली के कारण हर पांच में एक व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ हो रहा है। कहा कि मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हीन भावना का परित्याग, दूसरों से अपनी तुलना न करना, आत्म स्वीकृति का साहस आदि का अनुपालन करना चाहिए।