नैनीताल। इंडिया गठबंधन के पदाधिकारियों ने केंद्र की भाजपा सरकार और निर्वाचन आयोग पर लोकतंत्र की रीढ़ कही जाने वाली मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि देशभर में विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के माध्यम से करीब 13 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध रूप से हटाए गए हैं।
तल्लीताल में हुई पत्रकार वार्ता में गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उन्हें सत्तारूढ़ दल का एजेंट बताया और उनके इस्तीफे की मांग की। पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल और अधिवक्ता कैलाश जोशी ने असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में दलितों, आदिवासियों व मुस्लिम समुदाय को जानबूझकर मताधिकार से वंचित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा इन गड़बड़ियों के खिलाफ उन्होंने आठ अक्तूबर तक लोकतंत्र बचाओ अभियान चलाने की घोषणा की है।
आंदोलन की रूपरेखा के तहत छह अक्तूबर को दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयोग तक विरोध मार्च निकाला जाएगा, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मुलाकात करेगा। नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में चुनावी गड़बड़ियों से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित समाधान की भी मांग की। वहां कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, सतीश नैनवाल, युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष बंटू आर्य, महिला कांग्रेस कमेटी नगर अध्यक्ष भावना भट्ट, दुर्गा सिंह मेहता, डीके शर्मा आदि मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने फूंका मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला
भीमताल(नैनीताल)। अखिल भारतीय नगर कांग्रेस भीमताल के नगर अध्यक्ष सतीश टम्टा के नेतृत्व में शुक्रवार को भीमताल में कांग्रेसियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। उन्होंने साथ ही केंद्र सरकार को लोकतंत्र की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष डीके डालाकोटी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष नीरज कुमार मोनू, गुंजन रौतेला, हर्ष नौलिया, विनोद कुमार, पीसी नौगाई, कुमुद बृजवासी आदि मौजूद रहे। संवाद