नैनीताल के बलियानाले क्षेत्र से लगे रईस होटल क्षेत्र में लगातार हुआ भूस्खलन।
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नैनीताल। 48 घंटे से अधिक की अतिवृष्टि के बाद मौसम साफ होते ही बलियानाले की पहाड़ी में जबरदस्त भूस्खलन शुरू हो गया है। शनिवार सुबह से लेकर दोपहर तक लगभग पांच घंटे तक बलियानाले की पहाड़ी रुक रुककर दरकरती रही। भूस्खलन के बाद अब जीआईसी परिसर समेत हरिनगर क्षेत्र के कई आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं।
18 अक्तूबर की आपदा से कुछ दिन पहले भी बलियानाले की पहाड़ी में भूस्खलन हुआ था। क्षेत्र के लोगों के मुताबिक शनिवार सुबह से क्षेत्र में चटक धूप खिली हुई थी। सुबह नौ बजे के करीब पहाड़ी में भूस्खलन शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक होता रहा। इस दौरान बिजली का पोल भी टूट गया, जिससे विद्युत लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। भूस्खलन के कारण जीआईसी परिसर के भवनों के साथ-साथ उसके पास मौजूद एक मंदिर और कई आवासीय भवन भी खतरे की जद में आ गए हैं। भूस्खलन के कारण नगर पालिका से सेवानिवृत्त हुए किशोर का भवन भी गिरने की कगार पर है। हरिनगर क्षेत्र में रह रहे 50 परिवारों को प्रशासन पहले ही वहां से अन्यत्र शिफ्ट कर चुका है।
अब धर्मशाला में शिफ्ट होंगे विस्थापित परिवार
नैनीताल। नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने शनिवार को हरिनगर क्षेत्र से विस्थापित हुए लोगों की व्यथा जानी। इस दौरान विस्थापित हो चुके लोगों ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें स्कूल में शिफ्ट कराया है, जहां 30 से 35 परिवारों के लिए केवल एक ही शौचालय उपलब्ध है। वहां बिजली की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और ठंड भी काफी है। इस कारण बुजुर्गों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की व्यथा सुनने के बाद नेता प्रतिपक्ष ने फोन पर डीएम से बात की। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद एसडीएम ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही स्कूलों में रह रहे विस्थापित परिवारों को तल्लीताल स्थित धर्मशाला में शिफ्ट कराया जाएगा। इस दौरान पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।