हल्द्वानी। महिला अस्पताल की ओपीडी में आशाओं के प्रवेश पर रोक लगाने के बाद दूसरे दिन भी कार्यकर्ताओं का रोष जारी रहा। आशा हेल्थ वर्कर हल्द्वानी ब्लॉक की अध्यक्ष रिंकी जोशी के नेतृत्व में कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को सीएमओ कैंप कार्यालय पहुंची और नाराजगी जताई। एसीएमओ ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन आशाओं का कहना था कि अगर महिला अस्पताल में ही उनकी महत्ता खत्म कर दी जा रही है तो ऐसी सरकारी योजनाओं को बढ़ावा कैसे मिलेगा।
एसीएमओ डाॅ. मनोज कांडपाल से हुई वार्ता के दौरान उन्होंने बीमार आशाओं को प्राथमिकता के आधार पर पहले भेजने, ओपीडी के दौरान अंदर भेजने, जो मरीज चाहते हैं कि आशा उनके साथ रहे उनके प्रवेश की अनुमति देने की मांग की। एसीएमओ ने बताया कि बीमार आशा को पहले प्राथमिकता देने पर सहमति बनी है। इसके अलावा उन्हें यह भी बताया कि मरीज जब लाइन में हो तो आशा उनके साथ नहीं खड़ी होंगी। इससे अनावश्यक भीड़ भी रहती है और अन्य मरीजों को भी समस्या हो रही है। इससे पहले आशाएं महिला अस्पताल पहुंची और वहां उन्होंने सीएमएस से उन्हें ओपीडी में आने की अनुमति देने को कहा। इस दौरान कुछ देर काफी हल्ला रहा।