नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के माता जिया रानी महिला अध्ययन केंद्र की ओर से छात्र-छात्राओं को पिछौड़ा बनाने, पारंपरिक डिजाइन, रंग संयोजन के बारे में तकीनकी ज्ञान दिया जा रहा है। केंद्र ने 26 फरवरी को छात्र-छात्राओं के लिए स्टॉल लगाने का निर्णय लिया है ताकि वह स्वयं से बनाए उत्पादों की मार्केटिंग कर सकें।
केंद्र की संस्थापक प्रो. नीता बोरा शर्मा ने बताया कि छात्र-छात्राओं को केंद्र की ओर से कई उत्पादों के संबंध में जानकारी दी गई है। विद्यार्थी स्वरोजगार को अपना सकें, इसके लिए उनके स्टॉल लगवाए जाएंगे। केंद्र की संचालक डॉ. किरन तिवारी ने बताया कि पिछौड़ा कुमाऊं की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे संरक्षित करना समय की जरूरत है। संवाद