हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति की सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (स्काडा) सिस्टम से स्मार्ट मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे घरों में पानी का प्रेशर कम होने या पेयजल लाइन लीक होने की तुरंत सूचना मिलेगी। पेयजल समस्याओं के निवारण और जल संरक्षण के लिए स्काडा सिस्टम कारगर साबित होगा।
उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी (यूयूएसडीए) पेयजल व्यवस्था की निगरानी के लिए सभी घरों के वाटर मीटर, ट्यूबवेल, वॉल्व, टंकी आदि जगहों पर चिप-सेंसर लगाने के साथ मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम स्थापित करेगा। कंप्यूटर की एक कमांड पर पेयजल वितरण प्रणाली काम करेगी। स्काडा सिस्टम से हर घर में पानी की ऑनलाइन निगरानी होगी। इसके लिए हर घर की एक जीएमएस आईडी बनाई गई है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या समेत सभी जरूरी जानकारियां फीड की गई है। इसके माध्यम से घर आने वाले पानी की मात्रा, खपत, प्रेशर और पेयजल समस्या की जानकारी ऑनलाइन मिल सकेगी। पेयजल समस्या का भी शीघ्र समाधान किया जा सकेगा।
सेंसर बताएंगे लाइन टूटने व लीकेज की समस्या
क्लोरीन और पीएच लेवल की ऑटोमेटिक जांच
37 ट्यूबवेल ऑटोमेटिक होंगे ऑन-ऑफ
स्काडा सिस्टम लगने से शहर में संचालित 37 ट्यूबवेल ऑटोमेटिक ऑन-ऑफ होंगे। पूरे शहर में एक साथ पानी की सप्लाई शुरू होगी और बंद होगी। कहीं पानी जा रहा है और कहीं पानी बंद पड़ा है, ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।
क्या है स्काडा सिस्टम
नगर क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था की मॉनिटरिंग स्काडा सिस्टम से की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य पेयजल की बचत करना और पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना है। इससे पेयजल वितरण प्रणाली प्रबंधन आसान होगा।
-कुलदीप सिंह, परियोजना प्रबंधक, यूएसएसडीए