नैनीताल (ब्यूरो)। हाईकोर्ट ने सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स और अन्य प्राधिकरणों में चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य द्वारा अधिवक्ता के रूप में कार्य करने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के बाद बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।
न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। टैक्स बार एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य व्यक्तियों द्वारा सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स और अन्य प्राधिकरणों में अधिवक्ता के नाम पर प्रैक्टिस की जा रही है। याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसे व्यक्तियों के पास न तो विधि की डिग्री है और न ही स्टेट बार काउंसिल में इनका रजिस्ट्रेशन। एडवोकेट एक्ट 1961 की धारा 29 में यह प्रावधान के तहत बार काउंसिल में रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है।
अन्य राज्यों में भी चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य की पैरवी करने पर प्रतिबंध है। वह केवल अपने दस्तावेज पेश कर सकते हैं। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड को जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।