नैनीताल। हाईकोर्ट ने टिहरी बांध प्रभावितों का पुनर्वास करने व बांध में प्रोजेक्ट निर्धारित क्षमता के अनुरूप बिजली उत्पादन करने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका में शामिल पुनर्वास से संबंधित प्रकरण को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। जस्टिस आलोक कुमार वर्मा ने खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है। अब सुनवाई के लिए मुख्य न्यायाधीश की ओर से नई बेंच का गठन किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाइ हुई। अधिवक्ता अभिनव थापा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि टिहरी बांध प्रभावितों का पुनर्वास करने और बांध में प्रोजेक्ट निर्धारित क्षमता के अनुरूप बिजली उत्पादन करने के मामले में विस्थापितों को मुआवजा दिया जाए। याचिका में कहा गया कि टिहरी बांध बने 14 वर्ष हो चुके हैं तब से लगातार इस बांध से पर्यावरणीय नुकसान हो रहा है।