हल्द्वानी। शासनादेश के अनुरूप माध्यमिक स्तर के 10 वीं से 12वीं तक के निजी और सरकारी स्कूल सोमवार को खुले लेकिन अधिक ठंड के चलते स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या मात्र 20 फीसदी रही। अधिकांश निजी विद्यालय सोमवार को नहीं खुले।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों में सोमवार को भले ही ठंड के चलते उपस्थिति कम रही लेकिन प्रधानाचार्यों को आदेश हैं कि जितने भी विद्यार्थी आएं उन्हें पूरी तन्मयता से पढ़ाया जाए और जो विद्यार्थी नहीं आ पाए हैं उन्हें विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। विद्यालयों में उपस्थिति कम रहने के साथ ही अधिकांश शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी के चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित रहा। विद्यालयों को खोलने से पूर्व सैनिटाइज और छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग की गई।
जीजीआईसी की प्रभारी प्रधानाचार्या आशा बिष्ट ने बताया कि बोर्ड के विद्यार्थियों का कोर्स पूरा कर लिया गया है। अब दोहराव चल रहा है। इधर, पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाश भगत ने बताया कि ठंड की वजह से अधिकांश निजी विद्यालय नहीं खुल पाए थे। मंगलवार से सभी विद्यालयों के खुलने की संभावना है।
कोट
पहले दिन स्कूलों में बच्चों की 15 से 20 फीसदी ही उपस्थिति रही। अधिकांश शिक्षकों की चुनाव ड्यूटी के चलते शिक्षण कार्य भी प्रभावित रहा। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्यों को निर्देश हैं कि जितने भी बच्चे आएं, उन्ही पूरी तन्मयता के साथ पढ़ाएं। हर उपलब्ध संसाधन का अधिकाधिक उपयोग छात्रहित में करें। बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। - कुंवर सिंह रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी, नैनीताल।
विद्यार्थी ऑफलाइन पढ़ाई को मानते हैं उचित विकल्प
हल्द्वानी। सरकारी स्कूलों के बच्चे ऑनलाइन शिक्षण से ऑफलाइन शिक्षण को बेहतर विकल्प बता रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि एक तो स्मार्ट फोन की समस्या ऊपर से नेट कनेक्टिविटी के चलते उनकी ऑनलाइन पढ़ाई व्यवस्था कुछ खास नहीं रही। उन्हें ऑफलाइन में ही अधिक सीखने को मिला है। वह ऑफलाइन शिक्षण व्यवस्था जारी रखने पर जोर देते हैं।