पहाड़ में जंगली सूअर मुसीबत बन गए हैं। अब इनसे निपटने के लिए वन विभाग लाल लोमड़ी (रेड फॉक्स) की मदद लेगा। योजना है कि लुप्त होने की स्थिति में पहुंच गई लाल लोमड़ी की नैनीताल चिड़ियाघर में पहले आबादी बढ़ाई जाएगी, फिर उनको जंगल में सूअरों के बच्चों के शिकार के लिए छोड़ा जाएगा।
वनाधिकारियों के अनुसार पारिस्थितिकी में सभी चीजों को नियंत्रित करने के माध्यम बने हुए हैं। पहले पहाड़ों में लाल लोमड़ी काफी संख्या में होती थी, जिनका प्रिय शिकार सूअर के बच्चे होते थे।
इससे सूअरों की आबादी को प्राकृतिक तौर पर नियंत्रित करने में मदद मिलती थी। दक्षिण वृत्त वन संरक्षक डा. तेजस्विनी पाटिल कहती हैं कि पहले पहाड़ों में रेड फॉक्स की अच्छी खासी संख्या थी, शहर में सायरन बजता था तो इसके साथ वह भी आवाज करती थी।
शिकार और अन्य कारणों के चलते इनकी संख्या बेहद कम हो गई। नैनीताल डिवीजन में ही कैमरा ट्रैप लगाए गए तो मुश्किल से चार से पांच तक ही लाल लोमड़ी रिपोर्ट हुई। अब इस लाल लोमड़ी के जरिये सूअरों की आबादी को नियंत्रित की तैयारी है।
इसके लिए नैनीताल जू में ही लाल लोमड़ी का ब्रीडिंग सेंटर बनाने की योजना है, जहां पर लाल लोमड़ी के बच्चे तैयार होंगे, जिनको जंगल में छोड़ा जाएगा। अगर कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई, तो जल्द ही ब्रीडिंग सेंटर पर काम शुरू हो जाएगा।