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Haldwani Rain: बह गए दावे...घरों में घुसा पानी, सड़कों पर तैरा कचरा, बारिश ने खोली ड्रेनेज सिस्टम की पोल

Sat, 29 Jun 2024 02:30 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

मानसून की शुरुआती बारिश में ही नगर निगम और लोनिवि के दावे पानी में बह गए। आज शनिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के चलते नालियों की गंदगी सड़क पर बहने लगी। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। 
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सड़कों पर तैरा कचरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मानसून की शुरुआती बारिश में ही नगर निगम और लोनिवि के दावे पानी में बह गए। आज शनिवार दोपहर हुई झमाझम बारिश ने ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश के चलते नालियों की गंदगी सड़क पर बहने लगी। जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हो रही है। 

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वहीं, शुक्रवार को हुई बारिश से शनि बाजार का नाला उफान पर आने से पानी सड़क से बहते हुए वार्ड 59 में न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, जोशी विहार और चौधरी काॅलोनी के कई घरों और दुकानों में घुस गया जिसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

क्षेत्र के निवर्तमान पार्षद रईस अहमद गुड्डू ने जलभराव की जानकारी नगर निगम के अधिकारियों को दी। नगर निगम के अधिकारियों ने नाले की जल्द ही सफाई कराने का आश्वासन दिया। रईस अहमद ने बताया कि नगर निगम की ओर से नाले की अधूरी सफाई की गई थी जिस कारण तेज बारिश में नाले का पानी ओवरफ्लो होकर वार्ड में घुस गया। उन्होंने बताया कि स्वामी विहार, चौधरी कॉलोनी और आम का बगीचा की ओर जाने वाली सड़क पर रोड़ी बिछाने के बाद काम बंद कर दिया गया है। बरसात में सड़क पर बिछाई गई रोड़ी बहकर नालियों में भर गई है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र नाले-नालियों की सफाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।

बारिश से नगर निगम और लोनिवि के ड्रेनेज सिस्टम की पोल भी खुल गई। वार्ड 58 के निवर्तमान पार्षद मनोज जोशी ने बताया कि नगर निगम की ओर से क्षेत्र के नालों की सफाई के लिए दो दिन अभियान चलाया गया था लेकिन उसके बाद से नालों की सफाई करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। नालों की सफाई से निकला कचरा भी सड़क किनारे जमा कर दिया गया था जो शुक्रवार की बारिश के बाद फिर नालों में समा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नाले का डायवर्जन नहीं होता है जलभराव की समस्या का स्थायी हल नहीं हो सकता।

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यहां भी हुआ जलभराव
तेज बारिश के कारण नैनीताल रोड पर एसडीएम कार्यालय के सामने नाली चोक हो गई जिसके चलते नाली का कचरा सड़क पर बहने लगा। रामलीला मैदान में स्थित पार्किंग स्थल भी पानी से लबालब हो गया जिसके चलते एक वाहन मैदान में फंस गया। बमुश्किल इस वाहन को वहां से निकाला गया। इसके अलावा नैनीताल रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड, रामलीला मैदान आदि स्थानों पर भी बारिश के चलते जलभराव नजर आया जिसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बाढ की स्थिति आने पर अलर्ट करेगा सायरन
मानसून में गौला नदी में बाढ़ आने पर सिंचाई विभाग के सायरन लोगों को सचेत करेंगे। कालाढूंगी रोड स्थित सिंचाई विभाग के ईई कार्यालय और लालकुआं थाने में सायरन सिस्टम लगाया गया है। ये सायरन चार किमी के दायरे में लोगों को सचेत करेंगे। गौला बैराज में पहले से ही एक सायरन लगा हुआ है।

केंद्र पोषित योजना के तहत गौला बैराज में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा (स्कोडा) सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत बैराज का ऑटोमेशन कर दिया गया है। बलियानाले में जलस्तर की सूचना के लिए सेंसर लगाया गया है। अमृतपुर में सेंसर लगना है। इसके लिए विभाग को जमरानी परियोजना इकाई से एनओसी लेनी है। काठगोदाम के पास बैराज के डाउनस्ट्रीम में भी सेंसर लगना है। इसी योजना के तहत दो नए सायरन सिंचाई विभाग के ईई कार्यालय और लालकुआं थाने में लगाए गए हैं।

सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि नदी का जलस्तर 10,000 क्यूसेक से अधिक (अलार्म लेवल) होने पर गेट खोल दिए जाते हैं। 24,000 क्यूसेक से अधिक पर चेतावनी लेवल और 42,000 क्यूसेक से अधिक पर डेंजर लेवल शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में जनता, प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट कर दिया जाता है। गौला बैराज को 1.15 लाख क्यूसेक की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। इससे अधिक पानी बढ़ने पर हाई फ्लड की स्थिति आ जाती है।

गौला नदी में अधिकतम डिस्चार्ज

दिनांक                          डिस्चार्ज (क्यूसेक)

12 सितंबर 1993             1,23,900

26 अगस्त 2004              95,916

18 सितंबर 2010             86,881

16 अगस्त 2011              92,245

19 अक्तूबर 2021           89,622

केंद्र पोषित योजना के तहत सिंचाई विभाग के कार्यालय और लालकुआं थाने में सायरन सिस्टम लगाया गया है। गौला नदी में बाढ़ की स्थिति आने पर चार किमी के दायरे में ये सायरन लोगों को अलर्ट करेंगे।
- भुवन चंद्र नैनवाल, ईई, सिंचाई विभाग।

जलभराव में पर्यटकों की जिप्सियां फंसी
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो जोन में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से मालधन से लेकर फाटो पर्यटन गेट तक जलभराव हो गया। इससे पर्यटकों की जिप्सियां भी फंस गई। घंटों पर्यटकों को जिप्सियों में बैठकर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि तेज बारिश को देखते हुए दोपहर की सफारी को रद्द करना पड़ा। 

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मानसून के चलते अलर्ट मोड में रहें सभी अधिकारी : आयुक्त
मंडलायुक्त दीपक रावत ने मौसम विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मंडल भर के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम समेत सभी निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में नाले और जलभराव वाले स्थानों की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। निकाय स्तर पर इस संबंध में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे पेड़ों को हटाने को कहा गया है जिनके तेज बारिश या आंधी में गिरने की आशंका है। ऐसे भवनों को भी चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं जो जर्जर स्थिति में हैं। आयुक्त ने बताया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में जर्जर भवनों में पठन-पाठन न कराएं। वहीं बरसात की स्थिति में बंद होने वाली सड़कों को तत्काल खोलने के लिए सभी जिलाधिकारियों को संबंधित क्षेत्रों में मशीन रखने के निर्देश दिए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि बरसात और आपदा से निपटने के लिए कुमाऊं मंडल में पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। 
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