यहां भी हुआ जलभराव
तेज बारिश के कारण नैनीताल रोड पर एसडीएम कार्यालय के सामने नाली चोक हो गई जिसके चलते नाली का कचरा सड़क पर बहने लगा। रामलीला मैदान में स्थित पार्किंग स्थल भी पानी से लबालब हो गया जिसके चलते एक वाहन मैदान में फंस गया। बमुश्किल इस वाहन को वहां से निकाला गया। इसके अलावा नैनीताल रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड, रामलीला मैदान आदि स्थानों पर भी बारिश के चलते जलभराव नजर आया जिसके कारण लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बाढ की स्थिति आने पर अलर्ट करेगा सायरन
मानसून में गौला नदी में बाढ़ आने पर सिंचाई विभाग के सायरन लोगों को सचेत करेंगे। कालाढूंगी रोड स्थित सिंचाई विभाग के ईई कार्यालय और लालकुआं थाने में सायरन सिस्टम लगाया गया है। ये सायरन चार किमी के दायरे में लोगों को सचेत करेंगे। गौला बैराज में पहले से ही एक सायरन लगा हुआ है।
केंद्र पोषित योजना के तहत गौला बैराज में सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा (स्कोडा) सिस्टम लगाया गया है। इसके तहत बैराज का ऑटोमेशन कर दिया गया है। बलियानाले में जलस्तर की सूचना के लिए सेंसर लगाया गया है। अमृतपुर में सेंसर लगना है। इसके लिए विभाग को जमरानी परियोजना इकाई से एनओसी लेनी है। काठगोदाम के पास बैराज के डाउनस्ट्रीम में भी सेंसर लगना है। इसी योजना के तहत दो नए सायरन सिंचाई विभाग के ईई कार्यालय और लालकुआं थाने में लगाए गए हैं।
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मनोज तिवारी ने बताया कि नदी का जलस्तर 10,000 क्यूसेक से अधिक (अलार्म लेवल) होने पर गेट खोल दिए जाते हैं। 24,000 क्यूसेक से अधिक पर चेतावनी लेवल और 42,000 क्यूसेक से अधिक पर डेंजर लेवल शुरू हो जाता है। ऐसी स्थिति में जनता, प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट कर दिया जाता है। गौला बैराज को 1.15 लाख क्यूसेक की क्षमता के साथ डिजाइन किया गया है। इससे अधिक पानी बढ़ने पर हाई फ्लड की स्थिति आ जाती है।
गौला नदी में अधिकतम डिस्चार्ज
दिनांक डिस्चार्ज (क्यूसेक)
12 सितंबर 1993 1,23,900
26 अगस्त 2004 95,916
18 सितंबर 2010 86,881
16 अगस्त 2011 92,245
19 अक्तूबर 2021 89,622
केंद्र पोषित योजना के तहत सिंचाई विभाग के कार्यालय और लालकुआं थाने में सायरन सिस्टम लगाया गया है। गौला नदी में बाढ़ की स्थिति आने पर चार किमी के दायरे में ये सायरन लोगों को अलर्ट करेंगे।
- भुवन चंद्र नैनवाल, ईई, सिंचाई विभाग।
जलभराव में पर्यटकों की जिप्सियां फंसी
तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो जोन में शुक्रवार सुबह हुई बारिश से मालधन से लेकर फाटो पर्यटन गेट तक जलभराव हो गया। इससे पर्यटकों की जिप्सियां भी फंस गई। घंटों पर्यटकों को जिप्सियों में बैठकर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ा। डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्य ने बताया कि तेज बारिश को देखते हुए दोपहर की सफारी को रद्द करना पड़ा।