हल्द्वानी। डीआईजी नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की जानकारी मिल चुकी है। आदेश का अध्ययन करने के बाद शुक्रवार से मंडलायुक्त के साथ वह जांच शुरू करेंगे।
राजकीय मेडिकल कालेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ रैगिंग का मामला सुर्खियों में है। इस मामले में रैगिंग कमेटी की बैठक भी पूरी हो चुकी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रैगिंग को लेकर कालेज के छात्र भी खुलकर बोल नहीं रहे हैं। वे चुप्पी साधे हुए हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच कर मुकदमा दर्ज कराने के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। कमेटी में मंडलायुक्त और डीआईजी को नामित किया गया है। एक सप्ताह में कमेटी अपनी रिपोर्ट देगी।
बाल काटने के मामले में छात्रों ने साधी चुप्पी
हल्द्वानी। मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के बाल काटने का मामला थम नहीं रहा है। यह मामला संज्ञान में आने के बाद हाईकोर्ट भी सख्त हो गया है और डीआईजी एवं कमिश्नर की दो सदस्यीय टीम को जांच कर दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। इधर रैगिंग को लेकर कॉलेज के छात्रों ने चुप्पी साध ली है। कालेज प्रशासन भी मेडिकल छात्रों पर नजर रखे हुए है।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण जोशी ने दिन में दो बार मैस, हॉस्टल और लेक्चर हॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि सभी सामान्य है। सादे कपड़ों में कर्मचारी भी सीनियर और जूनियर छात्रों पर नजर रख रहे हैं।
कुछ दिन पहले पहले बाल काटने का मामला सामने आने के बाद अब तक प्रकरण में सोमवार को अनुशासन समिति और एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक हो चुकी है और कमेटी किनोर से छात्रों से कारणों को भी जाना गया। यही नहीं प्रथम वर्ष के छात्रों की काउंसलिंग भी की गई। कालेज प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार छात्रों ने सीधे तौर पर रैगिंग से इनकार करते हुए अन्य कारणों से बाल कटवाने की बात समिति के सामने कही थी।
इधर, यूजीसी ने पीड़ित छात्रों के लिए शिकायत प्रकोष्ठ का गठन कर दिया और रैगिंग मामले में प्रिंसिपल से पूरी घटना की रिपोर्ट भी मांग ली थी। इसके बाद बीते दिन प्राचार्य ने यूजीसी को भी रिपोर्ट भेज दी। इधर, अब कॉलेज परिसर में मेडिकल के छात्र रैगिंग मसले को लेकर चुप हो गए हैं और परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।
- चार पांच बिंदु हैं जिन पर जांच होगी। जांच अधिकारी अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। कालेज प्रशासन उन्हें पूरा सहयोग करेगा। - डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, मेडिकल कालेज।