हल्द्वानी। वन अनुसंधान शाखा बायोडायवर्सिटी पार्क, हल्द्वानी में महाभारत वाटिका तैयार करेगी। इस वाटिका में महाभारत में उल्लेखित वनस्पतियों को लगाया जाएगा। साथ ही महाभारत से जुड़े प्रसंगों को मॉडल के जरिये् प्रदर्शित करने की योजना है।
इस पार्क में रामायण वाटिका, बुद्ध वाटिका आदि को तैयार कर चुका है। मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) संजीव चतुर्वेदी कहते हैं कि महाभारत काल की करीब 45 प्रजातियों को यहां पनपाने की तैयारी है। इसमें शमी, बरगद, गूलर और सीता अशोक समेत अन्य प्रजातियां शामिल हैं।
शमी के पेड़ के नीचे पांडवों ने छिपाए थे हथियार
हल्द्वानी। सीसीएफ संजीव चतुर्वेदी बताते हैं कि अज्ञातवास पर जाने से पहले पांडवों ने अपने हथियारों को शमी के पेड़ के नीचे ही छिपाया था। अज्ञातवास खत्म होने के बाद उन्होंने हथियारों को निकालने के बाद पेड़ की पूजा भी की थी। भीष्म पितामह जब वाणशैय्या पर थे तो उन्होंने युधिष्ठिर को पौधरोपण के महत्व के बारे में बताया था। इन सभी प्रसंगों को मॉडल के जरिये भी वाटिका में प्रदर्शित करने की योजना है। साथ ही महाभारत में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को श्लोक के माध्यम से बताया गया है, इसे भी प्रदर्शित किया जाएगा।