हल्द्वानी। होली त्योहार पर खूब धमाल मचाएं। जमकर होली खेलें। जलसंस्थान दोपहर बाद सभी इलाकों में पेयजल की सप्लाई करेगा। होली त्योहार पर पानी की समस्या पैदा न हो इसके लिए जलसंस्थान ने सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में नजर बनाए रखने को कहा है। जलसंस्थान ने पेयजल वितरण के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अवर अभियंताओं को निर्देश हैं कि किसी भी इलाके में पेयजल की किल्लत नहीं होने पाए। टैंकर चालकों से भी मुख्यालय में बने रहने को कहा गया है कि आपात स्थितियों में टैंकरों से पेयजल का वितरण किया जा सके।
जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को रंग की होली के बाद दोपहर 12 बजे के बाद शीशमहल ट्रीटमेंट प्लांट से पेयजल सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। अभियंताओं को कहा गया है कि जिन इलाकों में अधिक दिक्कत आई है, उन्हें चिह्नित कर उन इलाकों में पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। जररूरत पड़ने पर टैंकरों से भी पेयजल वितरित किया जाएगा।
आंखों का रखें ध्यान
रंगोत्सव का पर्व सावधानी के साथ मनाएं। रंगों में पड़ने वाला रसायन आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है। कार्निया को छति और अल्सर हो सकता है। आंखों में एलर्जी हो सकती है। आंखों में सूजन आने के साथ ही दाने हो जाना और खुजली हो सकती है। साथ ही कंजेक्टीवाइटिस होने की संभावना रहता है। ध्यान रखें कि आंखों में गुलाल न जाए। आंख में अगर कोई रंग चला जाए तो सामान्य पानी के छींटे मारकर उसे धोएं। आंखों को बिल्कुल भी न रगड़ें। हर्बल रंगों का प्रयोग करें।
-डॉ. कल्पना पांडे, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ
त्वचा में हो सकते हैं दाने
दाने होने के साथ ही हो सकती है खुजरी
रसायन युक्त रंग आपकी त्वचा को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। हरे रंग में मरकरी होता है जबकि लाल रंग में रेड आक्साइड होता है। मरकरी कैंसर का कारण भी बन सकता है। रसायन युक्त रंग से आपके शरीर में दाने पड़ सकते हैं या खुजली हो सकती है। रंगों का प्रयोग करने से पहले शरीर में बॉडी लोशन लगाएं या फिर तेल लगाए ताकि रंगों का असर सीधे त्वचा पर न हों। रंगों को निकालने समय बहुत अधिक गर्म पानी का प्रयोग न करें। प्रयास करें कि हर्बल रंगों का ही प्रयोग करें।
डॉ. सौरभ अग्रवाल, वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ