नैनीताल। सरोवर नगरी आने वाले सैलानी पहाड़ी व्यंजनों का भी लुत्फ उठाएंगे। डीएम सविन बंसल ने पर्यटक आवास गृह सूखाताल में होटल एसोसिएशन, पर्यटन कारोबारियों एवं स्वयं सहायता समूहों की बैठक ली। उन्होंने होटल व्यवसायियों से कहा कि पर्यटकों को जो भोजन परोसा जा रहा है, उसमें पहाड़ी व्यंजनों को भी शामिल करें, जिससे सैलानी पर्वतीय उत्पादों से रूबरू हो सकेंगे।
रविवार को हुई बैठक में डीएम ने कहा कि महिला समूहों द्वारा विभिन्न प्रकार के अच्छी गुणवत्ता एवं ऑर्गेनिक खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे हैं। इसमें मडुवा, मक्का, भट्ट, चना चावल के आटे के साथ ही पहाड़ी लाल चावल, झिंगोरा, राजमा, काला भट्ट, मूठ, सोयाबीन, साबुत चना, गहत, लोबिया, साबुत मसूर की दाल शामिल हैं। साथ ही विभिन्न प्रकार के अचार, बुरांश, लेमन, आंवला स्क्वेश, जैम, मडुवा, मक्का के बिस्किट, मसाले एवं लौकी, खीरा, पेठे की बड़ियां एवं रामबांस अन्य पर्वतीय उत्पादों से फ्लॉवर पोट, बास्केट और डस्टबिन भी बनाए जा रहे हैं।
इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने एवं उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से शहर के होटलों में पहाड़ी व्यंजन भी बनाए जाएंगे। इस दौरान होटल एसोसिएशन एवं पर्यटन कारोबारियों ने समूहों द्वारा उत्पादित पदार्थों की सूची, भार, रेट लिस्ट उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने फुटकर दरों की अपेक्षा थोक में खरीदारी करने पर पांच से दस फीसदी छूट देने की बात कही। बैठक में परियोजना निदेशक बालकृष्ण, एपीडी संगीता आर्या, डीपीआरओ अतुल प्रताप सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़, डीएसटीओ एलएम जोशी, अधिशासी अभियंता जल संस्थान संतोष कुमार उपाध्याय, प्रवीण शर्मा, वेद साह, नरेश गुप्ता, संजय बाधवा आदि थे।