हल्द्वानी। पुलिस और वन विभाग की टीम के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। एक कार में संकटग्रस्त पेंगोलिन के साथ छह तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ वन अधिनियम के तहतमुकदमा दर्ज कर वाहन को सीज किया गया है।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने गोरापड़ाव क्षेत्र में सोमवार को एक कार की तलाशी ली। इसमें एक बोरे में करीब 26 किलो का शेड्यूल-1 का पेंगोलिन मिला। पुलिस ने कार में सवार अजय सिंह निवासी ढोरा डैम सूर्य नगर, दर्शन सिंह किच्छा, दीपांकर राय शक्ति फार्म बैकुंठपुर सितारगंज, अनिल कुमार, राहुल कुमार तरफ दलपतपुर मुरादाबाद और हरप्रीत सिंह तुमड़िया डाम मालधन नंबर-2 को गिरफ्तार कर लिया।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग के सचल दल प्रभारी आरएन गौतम ने बताया कि बरामद पेंगोलिन को सुरक्षित वास स्थल में छोड़ा जाएगा। डीएफओ डॉ. अभिलाषा भी मौके पर पहुंचीं। टीम मंडी चौकी उप निरीक्षक दिनेश जोशी, त्रिलोक सिंह रावत, इशरार अहमद, इसरार नवी, कुंदन कठैत, वीरेंद्र चौहान, वन विभाग के उमेश आर्य, कैलाश तिवाड़ी, ताहिर, दिनेश साही, आनंद बल्लभ पंत, कमल सिंह आदि शामिल रहे।
दवा और तंत्रमंत्र में होता है इस्तेमाल
हल्द्वानी। पेंगोलिन के शल्क का इस्तेमाल चीन में बनने वाली दवाओं में होता है। साथ ही तंत्रमंत्र में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। ट्रैफिक इंडिया संस्था के स्टेट कोऑडिनेटर डॉ. अभिषेक सिंह ने कहा कि पेंगोलिन का बाजार चीन रहा है। वहां बनने वाली यौनवर्द्धक दवाओं में पेंगोलिन के शल्क का इस्तेमाल किया जाता है। हाल के सालों में देश में तंत्रमंत्र के लिए भी पेंगोलिन की तस्करी बढ़ी है। उन्होंने बताया कि तराई के क्षेत्र में मिलने वाले पेंगोलिन का वास स्थल प्रभावित हुआ है। कुमाऊं में एक साल में चार बरामदगी हो चुकी है। डब्ल्यूपीएसआई के स्टेट हेड राजेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि पेंगोलिन के शल्क का इस्तेमाल दवाओं आदि के लिए होता है।