हल्द्वानी। अधिग्रहीत प्राइवेट अस्पतालों में बेस अस्पताल से केवल गंभीर बीमारी वाले मरीजों को ही रेफर समिति की संस्तुति पर भेजा जाएगा। ऐसे मरीजों की जानकारी अनिवार्य रूप से सीएमओ देनी होगी। यह निर्देश डीएम साविन बंसल ने कैंप कार्यालय में बैठक में स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए।
डीएम ने कहा कि कमेटी रेफर होने का कारण भी बताएगी। बेस में एसटीएच के डॉक्टर भी संबद्ध किए गए हैं इसलिए डॉक्टरों की ड्यूटी 24 घंटे शिफ्ट वार रहेगी। हर शिफ्ट में वरिष्ठ डॉक्टर तैनात किये जाएं। विशेषज्ञ डॉक्टर 24 घंटे ऑनकॉल ड्यूटी पर रहेंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी, सीएमओ डा. भारती राणा, सीएमएस बेस डा. हरीश लाल, परामर्शदाता डा. विनीता साह, सीएमएमस एसटीएच डा. अरुण जोशी, एसीएमओ डा. रश्मि पंत, डा. डीएस कांडपाल आदि मौजूद थे।
निजी अस्पताल कर्मचारियों को सैंपल लेने की दी जाएगी ट्रेनिंग हल्द्वानी। डीएम ने कहा कि निजी अस्पताल अपने वहां भर्ती कोरोना संभावित (संदिग्ध) मरीजों की सैंपलिंग खुद करेंगे। सैंपल जांच के लिए एसटीएच को उपलब्ध कराएंगे। इस प्रकार के मरीजों को निजी अस्पताल सुशीला तिवारी को न भेजें। सैंपल पॉजिटिव होने की दशा में ही मरीज को एसटीएच भेजा जाए। डीएम ने प्राइवेट अस्पतालों को कोरोना सैंपल लेेने की ट्रेनिंग देने के निर्देश सीएमओ को दिए।
यह भी कहा
-बेस अस्पताल में लैब टैक्नीशियन तैनात करने की स्वीकृति
- बेस अस्पताल में सोशल डिस्टेंसिंग और अन्य व्यवस्थाएं बनाने लिए 10 होमगार्ड और पीआरडी जवानों की तैनाती