हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में इन दिनों अल्ट्रासाउंड और एमआरआई नहीं हो रही है। अल्ट्रासाउंड मशीन एक महीने से खराब है, जबकि दो दिनों से मरीजों की एमआरआई भी नहीं हो रही है। सस्ते इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों को निराश लौटना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे तक एसटीएच के रेडियोलॉजी विभाग से 32 मरीज अल्ट्रासाउंड की जांच किए बगैर लौट गए। रेडियोलॉजिस्ट के न होने से कई मरीज घर लौट गए, जबकि कुछ बेस अस्पताल में चले गए। वहीं एमआरआई कक्ष में सुनसानी रही, जांच के नाम पर सिर्फ सीटी स्कैन हो रही है। अस्पताल की एमआरआई मशीन मंगलवार को तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई, इसके चलते 20 से अधिक मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेडिसन विभाग में बढ़ने लगा दबाव
एक डॉक्टर ने नौकरी छोड़ने के लिए दिया नोटिस
हल्द्वानी। एसटीएच में सबसे ज्यादा रोगी मेडिसन विभाग में जांच के लिए आते हैं। यहां से बीते वर्ष तीन डॉक्टरों का तबादला अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज कर दिया गया था। तब से यह पद नहीं भरे गए। दबाव बढ़ने से अब मेडिसिन विभाग के एक और डॉक्टर ने छोड़ने के लिए नोटिस दिया है। स्त्री रोग विशेषज्ञ विभाग में भी विशेषज्ञों की कमी बनी है।
बेस अस्पताल में हुए अल्ट्रासाउंड
हल्द्वानी। एसटीएच में अल्ट्रासाउंड नहीं होने से कुछ मरीज बेस अस्पताल में जांच कराने के लिए पहुंचे। अल्ट्रासाउंड कर रहे डॉ. विपिन पंत ने बताया कि करीब 60 मरीजों का प्रतिदिन अल्ट्रासाउंड होता है। इस बीच एसटीएच से भी मरीज जांच के लिए आ रहे हैं।
मरीजों की दिक्कतों को समझ रहे हैं। एमआरआई मशीन में तकनीकी खराबी को जल्द ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य विभागों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए भी प्रयासरत हैं। - डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी