हल्द्वानी। निर्वाचन कार्य से अभी रोडवेज और केमू की सभी बसें वापस न आने के कारण मंगलवार को भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, रोडवेज बसअड्डे पर यात्रियों की अधिक संख्या होने पर 17 बसें दिल्ली भेजी गईं। इधर, केमू की 60 बसें वापस आने पर पहाड़ की बससेवा कुछ मार्गों पर शुरू हो गई है। बुधवार से केमू की बसों का संचालन सामान्य हो जाएगा।
परिवहन विभाग की ओर से विधानसभा चुनाव के लिए केमू की 238 बसों के अलावा रोडवेज की बसों का अधिग्रहण 11 फरवरी को कर लिया गया था। इस कारण केमू बसों का संचालन 11 फरवरी से ही बाधित था, जबकि रोडवेज उपलब्धता के आधार में बसों का संचालन कर रहा था। रोडवेज बसों को यूपी से सुरक्षा कर्मियों को लाने और वापस भेजने के कार्य में लगाया गया है। 14 फरवरी को चुनाव संपन्न होने के बाद बाहर से वोट डालने के लिए आए लोग भी लौटने लगे हैं। इस वजह से सुबह से ही रोडवेज बस अड्डे पर यात्रियों की भीड़ रही। सबसे अधिक भीड़ दिल्ली जाने वाले यात्रियों की थी, इस पर रोडवेज अधिकारियों ने दिल्ली के लिए अतिरिक्त बसें दौड़ाईं।
हल्द्वानी डिपो के एआरएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि यूपी रोडवेज की आने वाली बसें भी सामान्य दिनों की अपेक्षा मंगलवार को कम आईं जिस पर हल्द्वानी से बरेली और मुरादाबाद के लिए भी बसें लगाई गईं। पांच बसें नैनीताल भेजी गईं।
इधर, केमू स्टेशन प्रभारी नवीन जोशी ने बताया कि निर्वाचन कार्य में पहाड़ भेजी गईं सभी बसें अभी नहीं लौटी हैं। मंगलवार को 60 बसें वापस आ सकीं जिन्हें पहाड़ के मार्गों पर भेजा गया। हल्द्वानी से गंगोलीहाट, अल्मोड़ा, देघाट, बागेश्वर, द्वाराहाट, रामगढ़ आदि स्थानों के लिए केमू बसों का संचालन किया गया।
29 बसें सुरक्षा कर्मियों को वापस छोड़ने गईं यूपी
हल्द्वानी। रोडवेज की हल्द्वानी डिपो की 11 और काठगोदाम डिपो की 18 बसें मंगलवार को सुरक्षा कर्मियों को छोड़ने के लिए यूपी के ललितपुर, कन्नौज, कानपुर देहात के लिए भेजी गईं हैं। रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि फोर्स छोड़कर लौटने के बाद बसों का संचालन सामान्य हो सकेगा।
दिसंबर से नहीं मिला वेतन, रोडवेज में रोष
हल्द्वानी। रोडवेज कर्मचारियों को दिसंबर से वेतन नहीं मिला है जिससे उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है। मंगलवार को रोडवेज इंपलाइज यूनियन कुमाऊं मंडल की ऑनलाइन बैठक हुई। क्षेत्रीय अध्यक्ष मुकेश वर्मा ने कहा कि दिसंबर से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि तीन माह होने को हैं वेतन न मिलने से कर्मचारियों में रोष है। कर्मचारी नेताओं ने उत्तराखंड परिवहन निगम प्रबंधन से जल्द वेतन दिए जाने की मांग की है।