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मछली बाजार में अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी

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हल्द्वानी। नगर निगम ने भारी विरोध के बावजूद मछली मार्केट की 30 दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। जेसीबी के आगे लेटने पर पुलिस ने पार्षद समेत नौ लोगों को हिरासत में ले लिया। विरोध के स्वर को दबाने के लिए प्रशासन ने कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि जोशी को घर में नजरबंद कर दिया था।
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जिला प्रशासन ने मछली मार्केट से अतिक्रमण हटाने के लिए पहले से तैयारी कर ली थी। तीन दिन पहले निगम ने दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी कर दिया था। सोमवार सुबह 11 बजे काफी संख्या में पुलिस फोर्स के साथ सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह और नगर आयुक्त पंकज उपाध्याय मछली मार्केट पहुंचे। नगर निगम की टीम ने पहले पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाल विद्या निकेतन से सटी दुकानों को जेसीबी से तोड़ना शुरू किया तो पार्षद गुफरान और शकील अंसारी ने समर्थकों के साथ विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोग जेसीबी के आगे लेट गए। नगर आयुक्त ने उन्हें समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों की नोकझोंक हुई। विरोध के स्वर तेज होने पर पुलिस ने पार्षद समेत नौ लोगों को हिरासत में लेकर लामाचौड़ पुलिस चौकी में भेज दिया। इधर, गांधीनगर मार्ग पर मौजूद फड़ और दुकानों को जेसीबी ने ध्वस्त कर दिया गया। नगर आयुक्त ने बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत 30 दुकानें ध्वस्त की गई हैं। बताया कि अदालत में मुकदमा विचाराधीन होने के कारण तीन दुकानों को प्रशासन ने छोड़ दिया है।
घरों की छतों पर तैनात थी पुलिस
हल्द्वानी। मछली मार्केट का अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने पुख्ता इंतजाम किए थे। मौके पर वाटर केनन और आंसू गैस के गोले भी टीयर गैस स्क्वाड के पास मौजूद थे लेकिन इसकी जरूरत नहीं पड़ी। किसी भी स्थिति से निबटने के लिए एक कंपनी आईआरबी, शहर के चारों थानों की फोर्स, एसपी सिटी, सीओ मौजूद रहे। मछली मंडी की ओर जाने वाले रास्तों को बैरिकेडिंग से पुलिस ने बंद कर दिया था। छतों पर भी फोर्स तैनात थी। पुलिस ने छतों पर बैठे लोगों को पहले ही हटा दिया था।
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इतिहास के पन्नों में दर्ज हुई मछली मार्केट
हल्द्वानी। मंगलपड़ाव के पास मछली बाजार दशकों पुराना था लेकिन अतिक्रमण हटने के साथ यह बाजार इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया। दुकानदारों का कहना था कि उन्हें दूसरे स्थान पर कारोबार करने के लिए जगह नहीं दी गई और अचानक दुकानों को ध्वस्त करने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
दुकानदार राजेंद्र पाल का कहना है कि संकट के समय कोई जनप्रतिनिधि भी उनकी खोज खबर लेने के लिए नहीं आ रहा है। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि जोशी का कहना था कि उन्हें प्रशासन ने पहले ही घर में कैद कर दिया था लेकिन हमेशा साथ देने का दावा करने के नाम पर चुनाव लड़ने वाले नेता मौके से गायब थे। कहा कि मछली बाजार के दुकानदारों से नगर निगम करीब 20 साल से तहबाजारी वसूल रहा था और कुछ लोग 40 साल से कारोबार कर रहे थे। दुकानदारों को अन्य जगह दुकान के लिए जगह नहीं दी गई और दुकानें ध्वस्त कर दी गईं। दुकानदार अब्बास अहमद, मो. दानिश, इमरान अली, इसरार, रईस अहमद, यासीन, अब्दुल सईद, मो. नदीम, मेहराज नवी, महेंद्र सीने में दर्द को दबाए हुए दुकानों को ध्वस्त होते देख रहे थे।
शाम के समय हिरासत से छोड़े गए नौ लोग
मुखानी थानाध्यक्ष दीपक बिष्ट ने बताया कि मछली मार्केट में विरोध प्रदर्शन कर रहे पार्षद गुफरान, इंदिरानगर निवासी दानिश खान, हबीबुर्रहमान, ओसामा, फैजुद्दीन, मनोज कुमार, रोहित कुमार, तौफीक और मोहित पाल को लामाचौड़ पुलिस चौकी में रखा गया था। शाम को सभी नौ लोगों को सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां जमानत पर छोड़ दिया गया।
- अतिक्रमण हटाने के लिए दुकानदारों को तीन दिन पहले नोटिस दिए गए थे। फिर भी दुकानदार दुकान हटाने के लिए तैयार नहीं थे। आए दिन शहर के लोग दुर्घटनाओं की शिकायत कर रहे थे। महिलाओं का मछली बाजार से गुजरना मुश्किल हो रहा था। अतिक्रमण हटाने और रास्तों को चौड़ा करने में आम जनता को सहयोग करना चाहिए। - ऋचा सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
अतिक्रमण हटा तो दिखने लगे विद्यालय भवन
हल्द्वानी। अतिक्रमण के चलते मछली मार्केट में स्थित दो विद्यालय पहले दिखाई नहीं देते थे लेकिन अतिक्रमण हटने के बाद राजकीय प्राथमिक विद्यालय बरेली रोड और पूर्व माध्यमिक विद्यालय बाल विद्या मंदिर की दीवारें दिखाई देने लगी हैं। लाइन नंबर एक की ओर जाने के लिए रास्ता अब चौड़ा हो गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पहले मछली मार्केट में जाम लगता था लेकिन अब जाम नहीं लगेगा।
विधायक सुमित को किया नजरबंद, घर के बाहर तैनात रही पुलिस
हल्द्वानी। विधायक सुमित हृदयेश को पुलिस प्रशासन ने दिनभर घर में नजरबंद रखा। घर के परिसर में भी पुलिस कर्मी मौजूद रहे।
सोमवार को मछली बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। प्रशासन को पता चला कि सुमित हृदयेश मौके पर पहुंच सकते हैं, जिस पर पुलिस प्रशासन ने विधायक सुमित को घर में नजरबंद रखा। इस दौरान सुमित ने घर से बाहर निकलने की कोशिश की लेकिन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें नहीं जाने दिया। मजबूरन वह कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ घर पर रहे। सुमित का कहना है कि मैं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गया था। मेरी गैर मौजूदगी का फायदा उठाकर नगर निगम मनमानी पर उतर आया है, जिसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि नगर निगम को इसका जवाब देना पड़ेगा।
पहले नेताओं और मंत्रियों के घर से हटाओ अतिक्रमण : सुमित
विधायक सुमित हृदयेेश ने कहा कि नगर में गरीब और पिछड़े वर्ग के लोगों के खिलाफ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है। यदि अतिक्रमण तोड़ना है, तो पहले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सिंचाई गूलों पर इनके घर बने हैं। अतिक्रमण के नाम पर गरीबों का उत्पीड़न किया जा रहा है। महंगाई के बीच नगर निगम आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को परेशान कर रहा है।
विधायक सुमित ने नगर निगम पर तानाशाही का आरोप लगाया है। कहा कि हल्द्वानी की सड़कें नगर निगम के नाम पर हैं या नहीं पहले इसका पता लगाया जाए। गरीबों पर अत्याचार कर उन्हें सड़क किनारे से हटाकर उनकी रोजी रोटी छीनी जा रही है। यह अतिक्रमण हटाओ अभियान निगम पर भारी पड़ेगा।
हार की खार के चलते किया जा रहा परेशान : विधायक
नजरबंदी के दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि हार की खार के नाम पर अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है। कहा कि अब नगर निगम तानाशाही दिखाकर गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को परेशान कर रहा है। सड़क किनारे अपना कारोबार चलाकर रोजी रोटी कमाने वालों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यह एकतरफा कार्रवाई है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि जिन मंत्रियों, नेताओं, विधायकों और सांसदों के घर सिंचाई गूलों के ऊपर बनाए गए हैं। उन पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?
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