मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है। बीआरओ ने वर्ष 2008 में सड़क का निर्माण शुरू किया था।
करीब 65 किमी लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य 2012 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था लेकिन 13 साल बाद भी करीब 50 प्रतिशत काम ही हो सका है।
सीमांत के लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण की धीमी गति से लग रहा है कि 2022 तक सड़क का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाएगा।
यहां धापा बैंड से चीन सीमा मिलम के लिए काटी जा रही 65 किमी लंबी सड़क सीमांत के गांवों और चीन सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।
धापा बैंड से एबीसीआई कंपनी मिलम की ओर सड़क रेलगाड़ी तक लगभग 21 किमी और बीआरओ ने मिलम से नीचे की ओर नहरदेवी से कुछ आगे तक लगभग 26 किमी सड़क काट चुकी है।
नहरदेवी से रेलगाड़ी के बीच लगभग 18 किमी का पैच बचा है। धापा से मिलम की ओर कार्य कर रही एबीसीआई कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर केशव जोशी ने बताया कि रेलगाड़ी के बाद सड़क निर्माण में और तेजी आएगी। वर्ष 2022 मार्च तक काम पूरा हो जाएगा।
माइग्रेशन पर मिलम जाने वाले लोगों का कहना है कि सड़क का काम तो चल रहा है लेकिन बीआरओ मिलम से नीचे नहरदेवी की ओर धीमी गति से कार्य कर रही है उससे नहीं लगता है कि यह सड़क अगले साल तक कट पाएगी।
माइग्रेशन पर जाने वाले लोग पैदल मार्ग से आते जाते हैं। सड़क के मलबे और भूस्खलन से पैदल मार्ग भी चलने लायक नहीं है। लोग ऐसे में ही आवागमन करने के लिए मजबूर हैं।
सड़क बनने से चीन सीमा पर मजबूत होगा सुरक्षा तंत्र
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मुनस्यारी से मिलम तक सड़क निर्माण के बाद चीन सीमा पर सुरक्षा तंत्र काफी मजबूत होगा। सड़क बनने के बाद सीमांत क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे सीमांत के लोगों की आय में सुधार होगा।
मिलम घाटी दुनिया की खूबसूरत वादियों में शुमार है। वहां तक जाना हर एक पर्यटक का ख्वाब रहता है। अगर यहां तक सड़क बन गई तो लोग इस खूबसूरत घाटी के दीदार आसानी से कर पाएंगे।