नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। यहां बस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। ऐसे में मार्ग पर हादसों के कारण जानने के लिए विस्तृत सर्वे कराने और सुरक्षात्मक कदम उठाने का फैसला किया गया है।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग पर हादसे का कारण जानने के लिए सर्वे कराने की तैयारी है। इसमें डेंजर जोन चिह्नित करने के साथ ही उनके सुधारीकरण की सिफारिश की जाएगी।
नैनीताल-कालाढूंगी मार्ग दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील बना हुआ है। यहां बस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई। ऐसे में मार्ग पर हादसों के कारण जानने के लिए विस्तृत सर्वे कराने और सुरक्षात्मक कदम उठाने का फैसला किया गया है।
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आरटीओ नंद किशोर का कहना है कि जल्द परिवहन विभाग समेत अन्य विभागों को शामिल करते हुए सर्वे किया जाएगा। इसमें खतरनाक मोड़, तीव्र ढलान, भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील जगह, बार-बार दुर्घटना वाले स्थल आदि की नए सिरे से पहचान की जाएगी।
खतरनाक मोड़, ढलान की सूचना देने के लिए बोर्ड भी लगाए जाएंगे। एआरटीओ रश्मि भट्ट कहती हैं कि इन जगहों पर सुधार के लिए उठाये जाने वाले कदमों की सिफारिश भी होगी, जिसे जिला सड़क सुरक्षा समिति में रखा जाएगा।
पेड़ नहीं होता तो और नीचे जाती बस, होती कई और मौत
150 मीटर नीचे गिरने के बाद बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई। अगर पेड़ नहीं होता तो बस बहुत नीचे तक खाई में जाती। अगर ऐसा होता हो संभवत: मृतकों की संख्या और भी बढ़ जाती।