अब पक्षी प्रेमियों के साथ ही सैलानी भी किलबरी में बर्ड वाचिंग कर सकेंगे। पक्षियों पर शोध कार्य करने वालों को भी इसका फायदा मिलेगा। वन विभाग नैनीताल के किलबरी रिजर्व फारेस्ट को नैना देवी बर्ड कंजरवेशन बनाने जा रहा है। यह कंजरवेशन 112 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में होगा इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
नैनीताल की प्रभागीय वनाधिकारी तेजस्विनी अरविंद पाटिल और पालिका रेंज के वन क्षेत्राधिकारी केसी सुयाल ने बताया कि किलबरी रिजर्व फारेस्ट है। किलबरी क्षेत्र में शौकीन लोग बर्ड वाचिंग के लिए आते रहते हैं। यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों की भरमार है। सात हजार फीट की ऊंचाई वाले इस इलाके में पक्षी माइग्रेशन में भी आते हैं। पर्यटक पक्षियों का फोटो खींचने के साथ ही उनसे छेड़छाड़ करते हैं। जिससे उनके यहां से अन्यत्र जाने का खतरा बना था। इसे देखते हुए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा। शासन से स्वीकृति के बाद सात मार्च को इसका शासनादेश जारी हो गया। स्थल चयन के लिए प्रस्ताव बनाने को देश और विदेश के कई विशेषज्ञों की कमेटी बनाई गई। कमेटी ने विभिन्न इलाकों का दौरा करने के बाद इसे बर्ड कंजरवेशन के लिए उपयुक्त पाया। इसे बर्ड कंजरवेशन बनाने के लिए स्थानीय ग्रामीणों की सहमति भी ली गई। ग्रामीणों ने भी पर्यटकों की गतिविधियों को देखते हुए इसके लिए सहमति जताई। शासनादेश जारी होने के बाद अब इसे नैना देवी बर्ड कंजरवेशन बनाया जा रहा है। उसमें पक्षियों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। पक्षियों की सुरक्षा के लिए विशेष संसाधन जुटाए जाएंगे। इसमें वन्य जीवों और वनों की सुरक्षा भी होगी। बर्ड कंजरवेशन का क्षेत्रफल 112 वर्ग किलोमीटर है।