रामनगर (नैनीताल)। एक सप्ताह से लापता मजदूर का शव ढेला के जंगल में कई हिस्सों में पड़ा मिला। पुलिस, वनकर्मी और परिजन शव के टुकड़ों को समेटकर बृहस्पतिवार शाम कोतवाली पहुंचे, जहां परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने प्रथम दृष्ट्या बाघ के हमले में मजदूर के मारे जाने की आशंका जताई है।
ईदगाह खताड़ी निवासी मुस्तकीम (42) पुत्र इजराइल सात अक्टूबर को ढेला में किसी रिजॉर्ट में पत्थर घिसाई का काम करने के लिए गया था लेकिन इसके बाद मुस्तकीम का पता नहीं चला। मंगलवार को ढेला के जंगल में परिजनों को उसका मोबाइल, बीड़ी, माचिस और चप्पल मिले। इस पर बृहस्पतिवार को फिर से वन कर्मियों, पुलिस और परिजनों ने ढेला के जंगल में मुस्तकीम की तलाश की। दोपहर करीब तीन बजे जहां मोबाइल मिला था, उससे करीब आधा किमी दूर कंकाल रूपी एक हाथ मिला। इसके बाद कुछ दूरी पर अधखाया दूसरा हाथ मिला। इसके बाद टीम को पास ही एक शव मिला। धड़ तो सही था लेकिन पैर कंकाल के रूप में तब्दील हो चुके थे। जिस समय संयुक्त टीम शव के पास पहुंची वहां पर एक बाघ था। बाघ को भगाने के लिए वन कर्मियों ने दो फायर किए, तब बाघ वहां से गया। इसके बाद परिजन, पुलिस और वन विभाग की टीम शव को लेकर कोतवाली पहुंची, जहां पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया।
सीओ बलजीत सिंह भाकुनी ने बताया कि पोस्टमार्टम से पता चलेगा कि उसकी हत्या हुई या फिर उसे बाघ ने मारा। कहा कि डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद परिजन शांत हुए।
तीन बेटी व एक बेटे का पिता था युवक
मृतक मुस्तकीम पत्थर घिसाई का काम करता था। उसकी पत्नी अख्तर जहां, बेटी 12 वर्षीय अतिका, 10 वर्षीय बेटी हुमेरा, 8 वर्षीय बेटी जिकरा और छह वर्षीय बेटा सुफियान हैं।
कोट
मजदूर का शव ढेला बीट के हिल कंपार्टमेंट नंबर आठ में मिला है। बाघ ने उसे मारा या नहीं इसकी सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगेगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। - राहुल, निदेशक, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व
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प्रथमदृष्टया बाघ के हमले में मजदूर की मौत लग रही है। मौत के सही कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लगेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है। - बलजीत सिंह भाकुनी, सीओ, रामनगर