रामनगर (नैनीताल)। गर्मियों का मौसम आने से पहले उत्तराखंड वन विभाग की चिंताएं भी बढ़ने लगीं हैं, बीते कई सालों से उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग वन विभाग समेत राज्य सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। इसी को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कार्यालय में कुमाऊं के वनाधिकारियों के साथ बैठक की।
प्रमुख वन संरक्षक विनोद कुमार सिंघल शुक्रवार को कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कार्यालय में पहुंचे। वनाधिकारियों के साथ अहम बैठक की ताकि गर्मियों में जंगलों में लगने वाली आग पर नियंत्रण पाया जा सके और अमूल्य संपदा को बचाया जा सके। बैठक में वन अधिकारियों ने जंगलों में आग पर काबू पाने के वनकर्मियों की नियुक्ति और आग से निपटने के लिए उपकरणों की मांग की। प्रमुख वन संरक्षक ने कहा कि जंगलों में लगने वाली आग जीव-जंतुओं के विनाश, जल स्रोतों में कमी, पारिस्थितिक असंतुलन और वातावरण को प्रदूषित करती है। जिससे उत्तराखंड का पर्यटन कारोबार भी प्रभावित होता है।
आगामी गर्मी के सीजन में जंगल में आग की घटनाओं पर नियंत्रण पाना जरूरी है। रामनगर में वन विभाग, तराई पश्चिमी वन विभाग रामनगर, कॉर्बेट प्रशासन और वन निगम की टीम बैठक में मौजूद रही। कॉर्बेट में बाघों की संख्या में बढ़ोत्तरी पर खुशी जताई गई। रेस्क्यू सेंटर के उद्घाटन को लेकर कहा कि नई सरकार के गठन होने के बाद इसका शुभारंभ कर दिया जाएगा। स्पेशल टास्क फोर्स के गठन को लेकर भी कहा कि इस पर भी कार्य गतिमान है। जिससे कॉर्बेट की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाएगी।
टाइगर सेल का निरीक्षण किया
प्रमुख वन संरक्षक ने कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के कार्यालय में टाइगर सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टाइगर गणना और उनकी सुरक्षा सहित कई बिंदुओं पर कॉर्बेट के अधिकारियों से जानकारी ली। प्रमुख वन संरक्षक ने आचार संहिता हटने के बाद रेस्क्यू सेंटर का उद्घाटन करने की संभावना जताई है। वहीं लंबे समय से 24 गैंडों को कॉर्बेट में लाने की कार्रवाई पर कहा कि अभी कुछ तकनीकी विश्लेषण चल रहा है। राज्य वन्यजीव बोर्ड ने पहले भी गैंडे को लेकर एक प्रस्ताव पास किया था। यह एक लंबा प्रोजेक्ट है। उच्च स्तर पर अभी टेक्निकल विश्लेषण हो रहा है, यह कितना सफल होगा। इसमें क्या दिक्कतें आ सकती है।
अवैध खनन रोकने पर दिया जोर
प्रमुख वन संरक्षक ने बैठक में वन निगम के अधिकारियों को भी बुलाया था। प्रमुख वन संरक्षक ने वन निगम व वन विभाग को सामंजस्य से अवैध खनन को रोकने पर जोर दिया। अवैध खनन पर रोक लगाकर राजस्व को बढ़ाएं और दोनों विभाग एक-दूसरे के साथ मिलकर संयुक्त रूप से कार्यवाही करेंगे। बैठक में कुमाऊं के मुख्य वन सरंक्षक विवेक पांडेय, कॉर्बेट निदेशक राहुल, रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ चंद्रशेखर जोशी, तराई पश्चिमी वन प्रभाग के डीएफओ बलवंत शाही, वन निगम के आरएम जीएन गोश्वामी, पार्क वार्ड आरके तिवारी आदि थे।