लोहाघाट के दूरस्थ नेपाल सीमा के मडलक में क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को ठीक करने की मांग को लेकर प्रद
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लोहाघाट (चंपावत)। नेपाल सीमा से लगे मडलक की क्षतिग्रस्त पेयजल योजना करीब 38 दिन बाद भी सुचारु नहीं हो पाई है। पेयजल लाइन सही न होने से गांव में पेयजल संकट गहराया हुआ है। आक्रोशित ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन कर क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को चालू कर पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की मांग की है।
ग्राम प्रधान भुवन चंद्र भट्ट का कहना है कि 18 अक्तूबर को हुई भारी बारिश से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल योजना अब तक सही नहीं हो पाई है, जिससे गांव में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है।
ग्रामीण एकमात्र प्राकृतिक स्रोत से पानी लाकर प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। दिनभर बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग पानी के लिए भटकते रहते हैं। ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन कर पेयजल योजना को चालू करने की मांग की है।
वहां बद्री सिंह, पूरन चंद्र पंत, यतीश पांडेय, धर्मेश पुजारी, राजपाल सिंह, रमेश राम, नवीन सिंह धौनी, हेम आदि शामिल थे। जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल योजना को ठीक कर दिया गया है। पेयजल वितरण व्यवस्था में कुछ दिक्कतें आ रही हैं, जिसे जल्द दूर कर दिया जाएगा।