धामी शनिवार को यहां लालपुर नायक स्थित एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान प्रभु श्रीराम का उत्तराखंड से अटूट नाता रहा है। प्रभु श्रीराम के पिता राजा दशरथ ने संतान प्राप्ति के लिए जिस सरयू नदी के किनारे अनुष्ठान किया था, उस नदी का उद्गम स्थल बागेश्वर जिले में है। लंका दहन के बाद जब अयोध्या लौटे और राजा रामचंद्र बने, तब अहंकारी रावण वध को तारने के लिए उन्होंने देवप्रयाग के रघुनाथ मंदिर में पितृ यज्ञ किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम देश की आत्मा हैं। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि इन दिनों अयोध्या में चल रहे रामलीला में देवभूमि के कलाकार मंचन कर रहे है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं यह स्वीकार कर चुके है की देश की सर्वश्रेष्ठ रामलीला उत्तराखंड की है। उन्होंने प्रदेश के लोगों से 22 जनवरी को रामलला के अयोध्या के विराजमान होने के अवसर पर अपने घरों और प्रतिष्ठानों में दीपोत्सव मनाने का आह्वान किया है। इस दौरान विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, जिला पंचायत अध्यक्षा बेला तोलिया, दर्जा राज्य मंत्री अनिल डब्बू, दिनेश आर्या, दीपक मेहरा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट आदि मौजूद रहे।
दुनियाभर में दिखती है उत्तराखंड की संस्कृति की झलक
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी उत्तराखंड की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। उत्तराखंडियों ने विदेशों में भी लोक संस्कृति और परंपरा को जीवित रखा है।