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Nainital News: जोहार शौका के बुजुर्गों से युवाओं तक को जोड़ गया साहित्य विमर्श

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पुस्तक का विमोचन करते अति​थि।
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हल्द्वानी। जोहार शौका केंद्रीय समिति के तत्वावधान में सोमवार को प्रथम जोहार शौका साहित्य विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। जोहार मिलन केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम में परिचर्चा, काव्य-पाठ और संगीत-गायन भी हुआ।
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कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बाबूराम सिंह पांगती, राय बहादुर पंडित नैन सिंह व किशन सिंह के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस मौके पर गजेंद्र सिंह पांगती, हरीश धर्मशक्तू, भूपेंद्र बृजवाल, जगदीश दुमरियाल व मंजु पांगती समेत कई युवाओं ने काव्य पाठ किया। जबकि आनंदी, भागीरथी, नाथ सिंह जंगपांगी, रमेश जंगपांगी, प्रमोद पांगती तथा प्रवीण मप्वाल ने गीत-संगीत के माध्यम से जोहारी शौका संस्कृति के इतिहास, संस्कृति के खान-पान, रीति-रिवाज, पहनावा, जोहार के भौगोलिक व प्राकृतिक सौंदर्य का बखान किया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में शौका साहित्य पर हुई परिचर्चा में वक्ताओं ने शौका साहित्य के माध्यम से अपनी संस्कृति व समाज को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। इस मौके पर एक वेबसाइट तैयार की गई ताकि युवा शौकाओं को जोड़ा जा सके। कार्यक्रम में जोहार शौका केंद्रीय समिति के अध्यक्ष व प्रधान आयकर आयुक्त नरेंद्र सिंह जंगपांगी ने कहा कि इस कार्यक्रम से जोहारी शौका समाज के बुद्धजीवियों के साहित्य सृजन को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान हरीश चंद्र सिंह धर्मशक्तू की पुस्तक ‘चंदा : एक प्रेम कहानी’ एवं भूपेंद्र सिंह बृजवाल की पुस्तक ‘राजुला की प्रेम कहानी’ व जोहार की मनमोहक कहानियां पुस्तक का विमोचन भी किया गया।कार्यक्रम में देवेंद्र धर्मशक्तू, यतेंद्र सिंह पांगती, भूपेंद्र सिंह पांगती, धीरेंद्र सिंह पांगती, प्रेम सिंह जंगपांगी, भोपाल सिंह मर्तौलिया, ईश्वर पांगती, हेम मर्तौलिया, पुष्पा धर्मशक्तू, हंसा पांगती समेत कई लोगों ने हिस्सा लिया। संचालन तब्बू मर्तोलिया ने किया। अंत में संगठन के महासचिव कैलाश धर्मशक्तू ने सभी का आभार जताया।
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